देश में अनिवासी भारतीयों द्वारा धारित शेयरों/प्रतिभूतियों/अचल संपत्ति की जमानत पर
ऋण लेने के लिए, एनआरआई को नीचे उल्लिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
1)
शेयर/प्रतिभूतियां, संबंधित एनआरआई के नाम होनी चाहिए और
भारतीय रिजर्व बैंक की सामान्य अथवा विशेष अनुमति लेनी चाहिए. विदेशी पासपोर्ट रखनेवाले भारतीय मूल के
व्यक्तियों की अचल संपत्ति(कृषि/बागान संपत्ति अथवा कृषि घर से भिन्न) की जमानत पर ऋणों के मामले
में, संपत्ति, भारतीय रिजर्व बैंक की सामान्य अथवा विशेष अनुमति से खरीदी गई हो.
2)
उधारकर्ता की वैयक्तिक ज़रूरतें पूरी करने और/अथवा उसके
खुद के कारोबार प्रयोजन से ऋण का इस्तेमाल किया जाना चाहिए न कि इस प्रयोजन के लिए
*
दोबारा उधार देने के लिए अथवा शेयरों/प्रतिभूतियों/अचल संपत्ति में निवेश करने के
लिए
*
कृषि/बागान गतिविधियों अथवा फार्म हाउस और स्थावर संपदा में या तो अकेले या दूसरों के
साथ मिलकर निवेश करने के लिए (अर्थात्; वाणिज्यिक प्रयोजनों से भूमि और अन्य अचल संपत्ति में व्यवहार
करने के लिए.
3)
ऋण की मात्रा, मार्जिन, ब्याज दर आदि,
शेयरों/प्रतिभूतियों/अचल संपत्ति के प्रति अग्रिम के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी
मार्गनिर्देशों के अनुसार होगी.
4)
ऋण राशि, भारत में रखनी चाहिए न कि विदेश में प्रेषित की
जानी चाहिए. ऋण राशि को, अनिवासी उधारकर्ता के एनआरई/एफसीएनआर(बी)/एनआरएनआरआरडी खाते में जमा नहीं किया
जा सकेगा.
5)
सामान्य बैंकिंग माध्यम से विदेश से प्रेषण के रूप में
अथवा उधारकर्ता के एनआरओ/एनआरई/एफसीएनआर(बी) खाते में नामे डालते हुए अथवा जिन शेयरों/प्रतिभूतियों/अचल
संपत्ति की जमानत पर ऋण दिया गया हो उसकी बिक्री प्राप्तियों में से ऋण चुकाना होगा.