अनिवासी भारतीय - यानी भारत के बाहर बसनेवाले भारतीय मूल/नागरिकता के व्यक्ति और
विदेशी कंपनी निकाय (ओसीबी) यानी उनके स्वामित्ववाले फर्म/कंपनियां और न्यास जिसमें 60% व अधिक
ईक्विटी में हिस्सा हो एनआरओ खाते खोलने के लिए पात्र हैं. पाकिस्तान और बांग्लादेश से भिन्न देश के
नागरिक भी खाता खोल सकते हैं. खाते, या तो परिचालन बचत बैंक खाते के रूप में या सावधि जमा खाते (संचयी
अथवा गैर-संचयी) के रूप में खोले जा सकते हैं.
प्रत्यावर्तन करने के लिए चालू आय पात्र है जैसे; भारत में खातेदार का किराया, लाभांश, पेंशन, ब्य
ाज आदि, निवल लागू कर.
सभी वास्तविक प्रयोजनों के लिए, प्रति कैलेंडर वर्ष एनआरआई/पीआईओ के एनआरओ खाते से निवल लागू कर
के समतुल्य एक दशलक्ष अमेरिकी डॉलर का प्रेषण किया जा सकेगा.
बैंक में जिस अवधि के लिए जमाराशि रखी गई हो उस अवधि के लिए लागू दर से 1% कम दर से
दंडस्वरूप ब्याज के अधीन जमाराशि परिपक्व होने से पहले आहरण किया जा सकता है.
कुछ नियमों और शर्तों पर अनिवासियों को ऋण और ओवरड्राफ्ट मंजूर किए जा सकते हैं. कुछ
नियमों और शर्तों पर निवासियों को ऋण और ओवरड्राफ्ट मंजूर किए जा सकते हैं.
इन ॠणों का उपयोग इनके लिए न किया जाए -
चिट फंड कारोबार के लिए या
निधि कंपनी के रूप में, या
कृषि या बागान गतिविधियों या स्थावर संपदा कारोबार या