अर्जित ब्याज और मूल धनराशि का, मुक्त रूप से प्रत्यावर्तन किया जा सकेगा और
जमाकर्ता की पसंदीदा मुद्रा में विदेश में प्रेषण किया जा सकेगा. भारतीय रुपयों में परिवर्तन के बाद
ऐसी निधि, एनआरई बचत बैंक में जमा भी की जा सकती है और एनआरई खाते में शेषराशि का विदेश में प्रत्य
ावर्तन भी किया जा सकेगा.
एफसीएनआर (बी) जमाराशि का, 1 वर्ष की जमा अवधि के अंदर समय पूर्व आहरण किया जा
सकेगा, लेकिन कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा. 1 वर्ष के बाद समय पूर्व आहरण करने पर (अगर जमाराशि,
लंबी अवधि के लिए रखी गई हो तो), बैंक में जमाराशि जिस समय तक रखी गई हो उसके लिए लागू दर से 1% कम से
दंडस्वरूप ब्याज लगाया जाएगा.
कारोबार के प्रयोजन से या व्यक्तिगत उपयोग के लिए एनआरई जमाराशियों की प्रतिभूति के
प्रति ऋण व ओवरड्राफ्ट लिया जा सकता है. इन ऋणों का भारत में निवेश करने के लिए या दोबारा उधार देने या फार्म हाउस / स्थावर
संपदा में निवेश करने के लिए इस्तेमाल करना होगा.
परिपक्व होने पर खातों का नवीकरण करने के लिए निवासियों के नाम मुख़्तारनामा
दिया जा सकता है. .
मुख़्तारनामा धारक ऐसे कार्य नहीं कर सकेगा जैसे
खाता खोलना
सिर्फ अनिवासी खाते के सिवाय किसी दूसरे खाते में विदेश में निधि का प्रेषण. खातेदार के पक्ष
में प्रेषण तभी किया जा सकेगा जब मुख्तारनामे में ऐसा निर्दिष्ट अधिकार दिया गया हो.