संपत्ति के मालिक, जिन्होंने अपनी संपत्ति, प्रतिष्ठित कंपनियों,
वाणिज्यिक/औद्योगिक, सॉफ्टवेयर, बहु-राष्ट्रीय कंपनियों, बैंकों, प्रतिष्ठित संस्थाओं आदि को किराए
पर दी हो. यह ऋण, संपत्ति के मालिकों (पट्टेदार) को ही मिलेगा.
1 लाख रु. तक - निर्बंध. 1 लाख रु. से अधिक, अचल संपत्ति के मामले में, 25% का
मार्जिन रखना होगा जब कि अन्य अर्थ सुलभ प्रतिभूतियों के मामले में, वह, ऋण राशि के पूरक होना
चाहिए.
उस संपत्ति पर, जिसका किराया ऋण के प्रति प्रभारित किया गया हो, प्रथम/समरूप प्रभार के साथ
ईएमडीटीडी.
अगर उक्त संपत्ति की प्रतिभूति उपलब्ध न हो तो, अन्य संपत्ति/संपत्तियों अथवा अन्य प्रभार्य
प्रतिभूतियों, जैसे एनएससी, आईवीपी, बैंक की खुद जमाराशियां आदि भी प्राप्त की जाती हैं.