|
पात्रता: बैंक के मौजूदा ग्राहक और ऐसे ग्राहक जिनके गत लेन-देन संतोषजक पाए गए हों.
सामान्यत: इस प्रकार की गारंटी की जरूरत उन ग्राहकों को होती है जो कर्ज पर मशीनें अथवा वस्तुएं
खरीदना चाहते हैं. आस्थगित भुगतान गारंटी में, बैंक की तरफ से नियत तारीख को ग्राहकों द्वारा आस्थगित
क़िस्तों के भुगतान की गारंटी का वचन दिया जाता है और यह घोषणा की जाती है कि भुगतान न किए जाने पर,
बैंक, भुगतान करेगा.
गारंटी की अवधि: 5 वर्ष तक. अपवादात्मक मामलों में, प्रत्येक मामले गुण-दोष के आधार
पर अधिकतम 10 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है.
मार्जिन: खरीदी जानेवाली मशीनों/उपकरण की लागत पर 25% नकदी मार्जिन - घटाएं -
आपूर्तिकर्ता को दी गई प्रारंभिक पेशगी - + डीपीजी रकम पर ब्याज अंश.
कमीशन की दर: महा नगरीय, नगरीय और अध-नगरीय शाखाओं के लिए सामान्य दर है; 100 रु. +
0.75% प्रति तिमाही या उसका अंश, न्यूनतम 3%.
ग्रामीण शाखाओं के लिए, कमीशन की दर है; 80 रु. + 0.75% प्रति तिमाही या उसका
अंश, न्यूनतम 3%.
100% नकदी मार्जिन अथवा 100% सावधि जमाराशियों से प्रतिभूत डीपीजी के संबंध में,
ऐसी गारंटी जारी करने के लिए न्यूनतम सिर्फ 28 रु. के साथ लागू दर से सिर्फ पर 25% लगाया जाएगा;
प्रतिभूति: गारंटी के लिए दी गई प्रतिभूति, या तो खुद की जमाराशियों के रूप में अथवा
दूसरी स्वीकार्य गोचर प्रतिभूति हो सकती है जैसे; जीपी नोट, पर्याप्त अभ्यर्पण मूल्य के साथ बीमा
पॉलिसियां और आसानी से बेचने लायक शेयर.
जमानत के तौर पर अचल संपत्ति का बंधक, सिर्फ अपवादात्मक मामलों में और तभी स्व
ीकार किया जाए जब ग्राहक के बारे में अच्छी तरह मालूम हो , बशर्ते कि गारंटी राशि के कम से कम 25% के
लिए नकदी मार्जिन दिया गया हो. प्रति गारंटी और संपार्श्विक प्रतिभूति के अतिरिक्त, बीमा कंपनी की
क्षतिपूर्ति पॉलिसी पर भी आग्रह किया जाता है. |