संबंधित गतिविधियां जैसे डेरी, मत्स्य पालन, सूअर पालन, मुर्ग़ी पालन, मधु मक्की
पालन आदि.
कृषि उपकरणों व मशीनरी की खरीदारी - लोहे के हल, हैरो, होज़, भूमि समतल बनानेवाला
यंत्र, बाँध बांधनेवाले, दस्ती औजार, स्प्रेयर, डस्टर, है-प्रेस, गन्ना पीसनेवाले यंत्र, थ्रेशर
आदि.
कृषि मशीनों की खरीदारी - ट्रैक्टर, ट्रेलर, बिजली के हल, ट्रैक्टर के सहायक
उपकरण जैस तवेदार हल आदि.
ट्रक, मिनी ट्रक, जीप, पिकअप वैन, बैल गाडी व अन्य परिवहन उपकरणों की
खरीदारी.
हल चलानेवाले जानवरों की खरीदारी.
उथले व गहरे नलकूप, टंकियां आदि का निर्माण और ड्रिल्लिंग यूनिट की
खरीदारी.
ऊपरी तल के कुएं बनाना, कुओं की गहराई बढाना, उनको साफ करवाना, कुएं खोदना, कुएं
का बिजलीकरण, तेल इंजन खरीदना और कुओं का बिजलीकरण करना, तेल इंजन खरीदना और लगाना.
टरबैन पंप खरीदना व लगाना, फील्ड चैनल बनाना.
लिफ्ट सिंचाई परियोजना का निर्माण.
छिड़काव सिंचाई यंत्र लगाना.
कृषि प्रयोजनों के लिए जनरेटर सेट्स खरीदना.
कृषि भूमियों पर बांध लगाना, भूमि को समतल बनाना, शुष्क धान खेतों की सीढ़ीदार
खेती से सिंचाई योग्य गीली धान के खेत बनाना, कृषि जल निकास का विकास, भूमि का उद्धार और लवणता का
संरक्षण, दर्रा भूमि का उद्धार, बुलडोज़र खरीदना.
बैल शेड, उपकरण शेड, ट्रैक्टर व ट्रैक्टर शेड, खेती भण्डार आदि का निर्माण.
माल गोदाम, गोदाम, साइलों (खत्ती) व शीतागार का निर्माण व संचालन.
फ़सलों के संकर बीज का उत्पादन व संसाधन.
सिंचाई प्रभार का भुगतान, कुएं व नलकूप से जल किराए पर लेने पर प्रभार, नाली नहर
पानी प्रभार, तेल इंजनों का अनुरक्षण, इलेक्ट्रिक मोटर, मज़दूरी का भुगतान, बिजली प्रभार, विपणन प्रभार,
रूढ़िगत सेवा इकाइयों संबंधी सेवा प्रभार, विकास उप-कर का भुगतान आदि.
डेरी तथा पशुपालन के सभी पहलुओं का विकास.
मत्स्य पालन का विकास.
मुर्ग़ी पालन, सूअर पालन, मधु मक्की पालन आदि का विकास.
स्टड फार्म का विकास व अनुरक्षण, रेशम उत्पादन.
जैव गैस संयंत्र.
शीतागार इकाइयां लगाना.
उर्वरक, कीट नाशक दवाइयां, बीज आदि के संवितरण वित्तपोषण करने के लिए ऋण.
निविष्ट वस्तु जैसे चारा, मुर्ग़ी खाद्य आदि के संवितरण के वित्तीयन हेतु
ऋण.
कृषि मशीनों व निविष्ट वस्तुओं के संवितरण से संबंधित किराया खरीद योजनाओं के लिए
वित्त.
भण्डार सुविधाओं जैसे भांडागार, बाजार केंद्र, गोदाम, सैलों (खत्ती) व शीतागार के
निर्माण व कार्यसंचालन हेतु ऋण.
ट्रैक्टर, बुलडोजर, कुएं खोदने का उपकरण, थ्रेशर, कंबैन्स आदि रखनेवाले
व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा चलाई गईं रूढ़िगत सेवा इकाइयों को अग्रिम.
छिड़काव का कार्य करनेवाले व्यक्तियों, संगठनों को ऋण.
बैंक, कृषि ऋणों पर 01.09.2006 से नीचे उल्लिखित ब्याज दर लगा रहा है.
क्रम सं.
ऋण राशि
ब्याज दर
1
रु. 50,000/- तक के ऋण
8.00 % (निश्चित) **
2
रु..50,000 से अधिक व रु. 2.00 लाख तक के ऋण
9.00 % (बीपीएलआर - 2.50 % ) - अस्थिर **
3
रु..2.00 लाख से अधिक व रु.3.00 लाख तक के ऋण
11.00 % (बीपीएलआर - 0.50 % ) - अस्थिर **
4
रु..3.00 लाख से अधिक व रु.50.00 लाख तक के ऋण
11.00 % (बीपीएलआर - 0.50 % ) - अस्थिर
5
रु. 50 लाख से अधिक
11.75% (बीपीएलआर + 0.50 % )
एमओयू के तहत वित्तपोषित ट्रैक्टर के मामले में, ऊपर उल्लिखित
लागू ब्याज दर से 0.50 % कम दर से ब्याज लगाना होगा.
1. लघु और मझौले प्रतिष्ठानों को उधार देने के वैशिष्ट्य
विजया बैंक, लघु और मझौले प्रतिष्ठानों (एसएमई) को, जिनमें लघु
उद्योग और मझौले प्रतिष्ठान (एमई) शामिल हैं, ॠण देने पर बढ़ावा दे रहा है.
2. लघु उद्योग (एसएसआई)
ऐसी इकाइयां जिनकी संयंत्र और मशीनों पर निवेश लागत नीचे बताए अनुसार
हो, लघु उद्योग के अधीन आएंगीः
सभी उद्योगों के लिए 1 करोड़ रु. तक
चुनिंदा होसरी/हस्त औजार/औषधी/लेखन सामग्री/क्रीडा वस्तु उद्योग के संबंध में 5 करोड़ रु. तक
3. मझौले प्रतिष्ठान (एमई)
ऐसी इकाइयां जिनकी संयंत्र और मशीनों पर निवेश लागत, लघु उद्योग
संबंधी उच्चतम सीमा से अधिक और 10 करोड़ रु. तक हो.
4. ॠण का प्रयोजन
ॠण, नीचे उल्लिखित प्रयोजनों के लिए दिए जाते हैं:
नई इकाई लगाने/मौजूदा इकाइयों का आधुनिकीकरण करने/मौजूदा इकाई को बढ़ाने के लिए
संयंत्र और मशीनें खरीदने के लिए
कार्यकारी पूंजीगत आवश्यकताओं के लिए
मार्जिन
25000/- रु. तक - कोई मार्जिन नहीं
25000/- रु. से अधिक - 15% से 25% मार्जिन
6. प्रतिभूति:
5 लाख रु. तक के ॠणों के लिए संपार्श्विक प्रतिभूति की जरूरत नहीं.
5 लाख रु. से अधिक रकम के ॠण और 25 लाख रु. से अधिक रकम के ॠणों के लिए भी
संपार्श्विक प्रतिभूति की जरूरत नहीं होगी बशर्ते कि इकाई की पिछला निष्पादन और वित्तीय स्थिति
संतोषजनक हो
25 लाख रु. से अधिक रकम के ॠणों के लिए, संपार्श्विक प्रतिभूति और / अथवा अन्य
पक्षकार गारंटी देनी होगी
7. ब्याज दर - लघु उद्योग :
लघु उद्योगों को दिए जानेवाले ॠणों के लिए लागू ब्याज दर इस प्रकार
होंगीः
ॠण राशि
ब्याज दर *
50,000/- रु. तक ॠण
8.50 % (बीपीएलआर - 3.00 %)
50,000/- रु. से अधिक और 2 लाख रु. तक के ॠण
9.00 % (बीपीएलआर - 2.50 %)
2 लाख रु. से अधिक और 25 लाख रु. तक के ॠण
11.00 % (बीपीएलआर - 0.50 %)
25 लाख रु. से अधिक और 50 लाख रु. तक के ॠण
11.50 % (बीपीएलआर )
50 लाख रु. से अधिक और 100 लाख रु. तक के ॠण
12.00 % (बीपीएलआर + 0.50 %)
100 लाख रु. से अधिक ॠण
13.00 % (बीपीएलआर + 1.50 %)
*समय-समय पर परिवर्तन के अधीन
8. ब्याज दर - मझौले और बड़े उद्योग
मझौले प्रतिष्ठानों को दिए जानेवाले ॠणों के लिए लागू ब्याज दर इस
प्रकार होंगीः
ॠण राशि
ब्याज दर *
2 लाख रु. तक के ॠण
11.50 % (बीपीएलआर )
2 लाख रु. से अधिक और 1 करोड़ रु. तक
12.50 % (बीपीएलआर + 1%)
1 करोड़ रु. से अधिक
13.50 % (बीपीएलआर + 2%)
*समय-समय पर परिवर्तन के अधीन
9.एसएसआई/एसएमई इकाइयों का दर्जा
बैंक, एसएमई क्षेत्र के प्रति ऋणों की लागत का युक्तीकरण करने की दृष्टि से, एसएमई
अग्रिमों के लिए बहु-आयाम जोखिम दर्जा निर्धारक मॉडेल अपना रहा है. इस समय, तीन जोखिम दर्जा निर्धारक
मॉडेल अपनाए जा रह हैं:
1. 2 लाख रु और 1 करोड़ रु. के बीच के ऋण जोखिम के लिए मॉडेल
2. 1 करोड़ रु और 3 करोड़ रु. के बीच के ऋण जोखिम के लिए मॉडेल
3. 3 करोड़ रु. और उससे अधिक ऋण जोखिम के लिए खंड-वार दृष्टिकोण के साथ मॉडेल.
Bank also encourages rating of SME units by approved rating agencies. The bank
has signed a Memorandum of Understanding with Small and Medium Rating Agency (SMERA) to enable
independent third-party assessment of the SME units.
एसएमई इकाइयों का दर्जा निर्धारित कराने के लिए एसएमईआरए को प्रतिष्ठान के आकार के
आधार पर शुल्क किया जाता है. भारत सरकार, लघु उद्योग मंत्रालय ने एसएमईआरए को, राष्ट्रीय लघु उद्योग
निगम लि.(एनएसआईसी) के जरिए चलाई गईं लघु उद्योग इकाइयों से दर्जा निर्धारित करने के लिए गए शुल्क के
प्रति उपदान के लिए पात्र एजेंसी के रूप में सूची में रखा है. योजना के अंतर्गत, पात्र लघु उद्योग
इकाइयों द्वारा देय दर्जा निर्धारक शुल्क का 75% उपदान के रूप में मिलता है और लघु उद्योग इकाइयों को
सिर्फ शेष 75% देना पड़ेगा.
उपदान के साथ एसएमईआरए से दर्जा निर्धारित कराने के लिए मौजूदा शुल्क इस प्रकार
है:
ॠण गारंटी निधि योजना
बैंक, लघु उद्योगों के लाभार्थ बनाए गए ॠण गारंटी निधि न्यास की उधार देनेवाली संस्थाओं में से एक
है और ॠण गारंटी निधि योजना के तहत सभी पात्र ॠणों के लिए गारंटी रक्षा प्रदान कर रहा है. एक बारगी
गारंटी शुल्क, इस प्रकार लगाया जाएगाः
2 लाख रु. तक के ॠणों के लिए 1.50%
पात्र महिला उद्यमियों को दिए गए सभी ॠणों के लिए 1.50%
उत्तर पूर्वी क्षेत्र (सिक्किम सहित) और जम्मू व कश्मीर में बसे सभी पात्र उधारकर्ताओं के लिए
1.50%
दूसरे सभी के लिए 2.50%
वार्षिक सेवा शुल्क : ॠण सुविधा का 2.50%
आकार सूचक
निवल संपत्ति
एसएमईआरए द्वारा लगाया गया दर्जा निर्धारक शुल्क
दर्जा निर्धारक शुल्क पर उपदान
(स्तंभ 3. का 75%)
लघु उद्योग इकाइयों द्वारा देय निवल दर्जा निर्धारक शुल्क (स्तंभ 3. का 25% )
(25% col.3)
(1)
(2)
(3)*
(4)*
(5)*
D
1 करोड़ रु. से कम
रु. 15, 000/-
रु. 11, 250
रु. 3, 750
C
रु. 1 करोड़ और रु. 5 करोड़ से कम
रु. 25, 000/-
रु. 18, 750
रु. 6, 250
B
रु. 5 करोड़ और रु. 20 करोड़ से कम
रु. 37, 500/-
रु. 28, 125/=
रु. 9, 375/=
A
रु. 20 करोड़ और उससे अधिक
रु. 50, 000/-
रु. 37, 500/=
रु. 12, 500
* 10.2% सेवा कर रहित
10. ऋण गारंटी निधि योजना:
बैंक, लघु उद्योगों के ऋण गारंटी निधि न्यास की उधार देनेवाली संस्थाओं में से एक
है और ऋण गारंटी निधि योजना के तहत सभी पात्र ऋणों के लिए गारंटी रक्षा प्रदान कर रहा है. इस योजना के
तहत, एक-बारगी गारंटी शुल्क, इस तरह लिया जाएगा:
रु. 2 लाख तक के सभी ऋणों के लिए 1.50%
पात्र महिला उद्यमियों को दिए गए सभी ऋणों के लिए 1.50%
उत्तर पूर्वी क्षेत्र (सिक्किम सहित) और जम्मू व कश्मीर में बसे सभी पात्र
उधारकर्ताओं के लिए 1.50%
दूसरों सभी के लिए 2.50%
वार्षिक सेवा शुल्क - ऋण सुविधा का 0.75%.
11. अन्य लघु उद्योग योजनाएं:
बैंक, ग्रामीण रोजगार जनक योजना(केवीआईसी-मार्जिन राशि योजना), राष्ट्रीय इक्विटी
निधि योजना और ऋण संयोजित पूंजी उपदान योजना, प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना भी लागू कर रहा है.
12. एसएमई शाखाएं:
एसएमई इकाइयों के लिए ही बैंक की सात विशिष्ट एसएमई शाखाएं हें. इन शाखाओं का स्थ
ान इस प्रकार है:
एमएनईएस से उपदान के साथ सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम का वित्तपोषण करने के वैशिष्ट
्य
विवरण
वैशिष्ट्य
प्रयोजन
सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम का वित्तपोषण करने के लिए
कार्यान्वयन क्षेत्र
देश के सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा
पात्र उधारकर्ता
संस्थागत उपयोगकर्ता और वाणिज्यिक / औद्योगिक उपयोगकर्ता
ऋण की मात्रा
सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम की लागत का 85%
मार्जिन
सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम की लागत का 15%
बैंक की उधार दर
10.75% प्र.व.
एमएनई की निर्धारित दर अर्थात्; ब्याज उपदान लेने के बाद उधारकर्ताओं पर
प्रभारित ब्याज दर
2% - घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए;
3% - त्वरित मूल्यह्रास का उपभोग न करनेवाले संस्थागत उपयोगकर्ताओं के लिए
5% - त्वरित मूल्यह्रास का उपभोग न करनेवाले वाणिज्यिक / औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए
ब्याज उपदान
आईआरईडीए के जरिए एमएनईएस से ब्याज उपदान मिलेगा जो बैंक की 10.75% की उधार दर और
ऊपर उल्लिखित एमएनईएस की निर्धारित दर के बीच का अंतर होगा और जिसका परिकलन 6.50% की दर से भुनाते हुए
अधिकतम 5 वर्ष तक समग्र ऋण अवधि के लिए पहले ही किया जाएगा. एमएनईएस ने घरेलू, संस्थागत उपयोगकर्ता और
वाणिज्यिक / औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए ब्याज उपदान की मात्रा तय करने के लिए एक रेडी रेकनर बनाया
है. ब्याज उपदान का समायोजन करने के बाद, अंतिम ब्याज दर 2% (घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए), 3% (संस्थ
ागत उपयोगकर्ताओं के लिए और 3% (वाणिज्यिक / औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए) होगी.
बैंकों का सेवा प्रभार
प्रशासनिक लागत, कारोबार विकास, प्रचार आदि की पूर्ति करने के लिए बैंकों से
आईआरईडीए से मंजूर किए गए प्रत्येक ऋण के लिए 200/- रु. का सेवा प्रभार पाने के पात्र होंगे
वर्गीकरण
उधारकर्ताओं की श्रेणी के आधार पर वर्गीकरण करना किया जाएगा अर्थात्; कृषि / लघु
उद्योग / अन्य प्राथमिकता क्षेत्र / गैर-प्राथमिकता क्षेत्र, जैसे भी हो.
प्रतिभूति संबंधी मानदंड
बैंक वित्त में से निर्मित आस्तियों का
दृष्टिबंधक
25,000/- रु. तक के ऋणों के लिए, अन्य पक्षकार गारंटी अथवा संपार्श्विक प्रतिभूति ली जाएगी.
25,000/- रु. से अधिक ऋणों के लिए, अन्य पक्षकार गारंटी और / अथवा पर्याप्त संपार्श्विक प्रतिभूति
/ अर्थ सुलभ प्रतिभूतियां ली जाएंगी.
चुकौती अवधि
अधिकतम 5 वर्ष. चुकौती अवधि तय करते समय, नियत
तारीख, किसानों के मामले में कटाई मौसम के साथ और दूसरों के मामले में चलनिधि के से मेल खानी
चाहिए.
ब्याज उपदान का दावा करना : ऋण का संवितरण और स्थापना/शुरुआत प्रमाणपत्र प्राप्त
होते ही ब्याज उपदान का दावा किया जाएगा.
एएसडब्ल्यूएच सिस्टम के विनिर्माताओं / आपूर्तिकर्ताओं की अनुमोदित सूची: एमएनईएस ने फ्लैट
ट्यूब कलेक्टर आधारित सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम के 83 बीआईएस अनुमोदित विनिर्माताओं / आपूर्तिकर्ताओं
की और इवैक्युएटेड ट्यूब कलेक्टर आधारित सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम के 10 बीआईएस अनुमोदित
विनिर्माताओं / आपूर्तिकर्ताओं की सूची दी है. विनिर्माताओं / आपूर्तिकर्ताओं की अनुमोदित सूची से ही
सिस्टम खरीदकर लगाने चाहिए.
प्राप्त ब्याज उपदान का विनियोजन : चूंकि आईआरईडीए द्वारा 5 वर्ष की समग्र चुकौती अवधि के लिए
ब्याज उपदान पहले ही निर्मोचित किया जाता है इसलिए, समग्र ब्याज उपदान रकम, एक ही झटके में
उधारकर्ताओं के ऋण खाते में जमा की जाती है ताकि उधारकर्ताओं के लिए अंतिम ब्याज दर, 2% (घरेलू
उपयोगकर्ताओं के लिए), 3% (संस्थागत उपयोगकर्ताओं के लिए और 3% (वाणिज्यिक / औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के
लिए) बने.
पेशे में अर्हता प्राप्त चिकित्सा पेशेवरों को अर्ध नगरीय और ग्रामीण इलाकों
में अपना पेशा चलाने के लिए, मोटर वाहन खरीदने के लिए 15 लाख रु. तक अग्रिम, चिकित्सा पेशेवरों, दंत
चिकित्सकों, सनदी लेखाकारों, लागत लेखाकारों, वकीलों, सॉलिसिटर, इंजीनियरों, वास्तुविदों,
सर्वेक्षकों, निर्माण ठेकेदारों, प्रबंध सलाहकारों अथवा ऐसे व्यक्ति को, जिसके पास किसी दूसरी कला में
सरकार द्वारा स्थापित अथवा मान्यता प्राप्त किसी संस्था का स्नातक अथवा डिप्लोमा हो, उपकरण
खरीदने, मौजूदा उपकरण की मरम्मत कराने या नवीकरण कराने, कारोबार परिसर खरीदने और उसकी मरम्मत कराने
अथवा चिकित्सा पेशेवरों को औजार खरीदने के लिए जरूरी कार्यकारी पूंजीगत ज़रूरतों के लिए ऋण
पेशेवर उपयोग के इरादे से उपकरण/वाहन खरीदने के लिए स्वच्छंद पत्रकारों और कैमरामैन को
अग्रिम
उपकरण खरीदने, परिसर और औजार, वाहन आदि खरीदने के लिए पेशेवर कंपनी सचिव को अग्रिम
उस व्यक्ति को, जो डॉक्टर न हो परंतु जिसने शारीरिक कसरत के विभिन्न उपकरणों के बारे में
औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया हो, '' हेल्थ सेंटर '' चलाने के लिए वित्तीय सहायता.
अगर उधारकर्ता ने निर्दिष्ट पेशे में अर्हता प्राप्त की हो और अपने जीवन निर्वाह के एकमात्र
प्रयोजन से गतिविधि चला रहा हो तो ब्यूटी पार्लर लगाने के लिए अग्रिम.
ग्रामीण / अर्ध-नगरीय इलाकों में रु. 5 लाख तक और नगरीय एवं महा नगरीय इलाकों में
रु. 10 लाख तक आवास ऋण.
उन ग्रामीण इलाकों और क़सबों में जिसकी आबादी 1991 की जनगणना के अनुसार 50000 से अधिक न हो,
ग्रामीण आवास के लिए रु. 5 लाख तक ऋण देने पर विचार किया जाएगा.
लघु और सीमांत किसान, जिनके पास 5 एकड़ जमीन हो, भूमिहीन मजदूर, काश्तकार किसान
और बटाईदार कारीगर, ग्राम और कुटी उद्योग.
आईआरडीपी/एसजेएसआरवाई/सेपअप/सुमे/एसएलआरएस/डीआरआई/ एसजीएसवाई
लघु और सीमांत किसान, बटाईदार, कृषि मजदूर, ग्रामीण कारीगर और गरीबी की रेखा से नीचे जीवन बसर
करनेवाले किसान, जिनकी पारिवारिक आय रु. 11000 प्रति वर्ष से अधिक न हो.
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति
काश्तकार किसानों और बटाईदारों तक पहुंचने के लिए स्व-सहाय दलों को अग्रिम.
अ.जा/अ.ज.जा. के राज्य सरकार प्रायोजित संगठनों को अग्रिम - निविष्टियां खरीदने और
उनकी आपूर्ति करने और / अथवा इन संगठनों के हिताधिकारियों के उत्पाद बेचने के लिए.
किसानों को विपत्ति में अपनी पैदावार बेचने से रोकने के लिए - रु. 5 लाख तक -
भांडागार रसीदों सहित कृषि पैदावार के दृष्टिबंधक / गिरवी के प्रति किसानों को.
इस योजना के तहत, कटाई के उपरांत / संबंधित गतिविधियों के लिए जरूरी कार्यकारी
पूंजी आदि के लिए ऋण सहित किसानों की समग्र फसल उत्पादन ज़रूरतें पूरी की जाएंगी.
यह योजना लचीली है और किसानों के फायदेमंद. किसान कार्ड धारक को वैयक्तिक
दुर्घटना बीमा रक्षा मिलेगी.
उन परियोजनाओं के संबंध में जिनकी परियोजना लागत 50 लाख रु. तक हो, एसआईडीबीआई की
राष्ट्रीय इक्विटी निधि योजना के तहत, एसआईडीबीआई से परियोजना लागत की 25% की दर से अधिकतम 10 लाख रु.
तक सुलभ ऋण की प्रतिपूर्ति उपलब्ध है.
उच्चतम 4 लाख रु. होते हुए 25% मार्जिन राशि सहित 25 लाख रु. तक की परियोजनाओं के लिए पहचाने गए
116 ग्रामीण उद्योगों के संबंध में केवीआईसी, मार्जिन राशि प्रदान कर रहा है.