निवेशकर्ताओं के साथ संबंध
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| निवेशकर्ताओं के साथ संबंध |
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निवेशकर्ताओं के साथ संबंध पर एफएक्यू
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सार्वजनिक पूंजी निर्गम से संबंधित मामले:
सार्वजनिक पूंजी निर्गम के बारे में सारा पत्राचार, निर्गम के रजिस्ट्रार के साथ नीचे उल्लिखित
पते पर करना चाहिए और उसमें ऐसी जानकारी दी जानी चाहिए जैसे; पहले आवेदक का पूरा नाम, आवेदन फार्म की
क्रम संख्या, कितने शेयरों के आवेदन किया गया है और उस बैंक की शाखा का नाम जहां आवेदन पत्र पेश किया
था:
मेसर्स इनटाइम स्पेस्ट्रम रजिस्ट्री लिमिटेड
सी-13, पन्नालाल सिल्क मिल्स काम्पाउंड
एलबीएस रोड, भांडुप पश्चिम
मुंबई 400 078
टेलीफोन : 022 - 2596 3838
फैक्स : 022 - 2594 6969
ई-मेल: isrl@intimespectrum.com
अगर किसी शेयर धारक को अपनी शिकायत का संतोषजनक जवाब न मिला हो तो कृपया इस पते
पर लिखें:
श्री के. के. गोपालकृष्णन नायर,
कंपनी सचिव,
विजया बैंक , मंडल सचिवालय,
प्रधान कार्यालय, 41/2, एम.जी.रोड,
बेंगलूर 560 001
टेलीफैक्स : 080 - 25594737
फोन : 080 - 25584066 - विस्तार. 271
ई-मेल: sdigc@vijayabank.co.in |
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वार्षिक सामान्य बैठक के बारे में शेयर प्रभाग व निवेशकर्ता शिकायत कक्ष से
जुड़े एफएक्यू
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1. |
क्या बैंक के तुलन पत्र का शेयर धारकों की वार्षिक सामान्य बैठक में अनुमोदन लेना पड़ता
है?
बैंकिंग कंपनी(उपक्रमों का अर्जन व अंतरण) अधिनियम, 1980 की धारा 10(क)(2) के
अनुसार, शेयरधारकों को, तुलन पत्र, लाभ-हानि लेखा तथा लेखों से संबंधित अवधि के लिए बैंक के कामकाज और
गतिविधियों पर निदेशकों की रिपोर्ट एवं तुलन पत्र, लाभ-हानि लेखा पर लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट पर
चर्चा करने का हक है. |
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2.
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क्या एजीएम में मौजूदा शेयर-धारक तुलनपत्र, लाभ-हानि लेखा, निदेशकों व लेखा परीक्षकों की
रिपोर्ट को छोड़कर किसी दूसरे कारोबार पर चर्चा कर सकते हैं?
ऊपर उल्लिखित धारा 10(क)(2) के अनुसार, किसी दूसरे मामले पर चर्चा करने के लिए अध्यक्ष का
अनुमोदन लेना आवश्यक है. |
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3.
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क्या शेयरधारकों को एजीएम के कार्यवृत्त की प्रति प्राप्त करने का अधिकार हैं?
एजीएम का कार्यवृत्त, मंडल द्वारा निर्दिष्ट स्थान पर रखना पड़ता है. एजीएम का कार्यवृत्त बैंक
के प्रधान कार्यालय में रखने का विचार है तथा शेयर-धारक इसका निरीक्षण कर सकेंगे. कार्यवृत्त की प्रति
की दरख्वास्त पर विचार किया जाएगा. |
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4.
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क्या लाभांश का भुगतान करने के लिए एजीएम का अनुमोदन लेना पड़ेगा?
मंडल को लाभांश की घोषणा करनी पड़ती है/अनुमोदन देना पड़ता है. लेकिन एजीएम में, लेखों के
साथ-साथ लाभांश पर भी चर्चा की जा सकती है. |
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5.
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बैंक बाहर के रजिस्ट्रार व अंतरण एजेंटों पर क्यों निर्भर होता है?
रजिस्ट्रार व अंतरण एजेंट का काम बहुत खास किस्म का होता है. हमारे बैंक ने अपना प्रथम
सार्वजनिक पूंजी निर्गम नवंबर 2000 में किया और निवेशकों की सेवा, सूचीबद्ध करारों के अनुपालन, एसईबीआई
विनियमों आदि क्षेत्रों में मूल्यवान अनुभव प्राप्त कर रहा है, बैंक आगे चल कर आवश्यक विशेषज्ञता हासिल
करने, लागत लाभ प्राप्त करने व निवेशकों के हितों को ध्यान में रखने के बाद ही आंतरिक एजेंट के बारे
में सोच सकता है. |
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6.
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जाली शेयर प्रमाणपत्र खोजने के लिए बैंक क्या कर रहा है?
बैंक के मुद्रित शेयर प्रमाणपत्र में कुछ सुरक्षा पहलू शामिल हैं जिनकी शेयर अंतरण एजेंट उस
वक्त जांच करते हैं जब जालसाजी आदि से बचने के इरादे से अंतरित करने के लिए शेयर प्राप्त होते हैं.
आगे, बैंक ने ऐसे जाली अंतरण से बचने के लिए बैंक ने बीमा पॉलिसी ली है. |
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7.
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बैंक का बाजार पूंजीकरण कितना है तथा दूसरों की तुलना में उसकी क्या स्थिति है?
मौजूदा बाजार मूल्य करीब 55/-रु. प्रति शेयर है. बैंक के शेयरों की बाजार पूंजीकरण के साथ तुलना
करना उचित नहीं होगा. हमारा शेयर मूल्य अब ऊर्ध्वगामी प्रवृत्ति दिखा रहा है. |
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8.
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बैंक की प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) कितनी है?
मौजूदा ईपीएस, 31.03.2006 को 2.93 रु. और 30.09.2006 को समाप्त होनेवाले अर्ध-वर्ष के लिए 4.04
रु. है. |
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9.
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एजीएम में उपहार/उपहार कूपन क्यों नहीं दिए जाते हैं?
भारत सरकार के मार्गनिर्देशों के मद्दे नज़र, एजीएम में कोई उपहार/उपहार कूपन नहीं दिए जाते
हैं. |
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10.
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क्या बैंक आनेवाले वर्षों में लाभांश दर बढ़ाएगा?
शेयरधारकों को यह जानते हैं कि लाभ, पूंजी आधार आदि और वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लाभांश देने की बात
पर विचार किया जाता है. इसलिए आगामी वर्षों के लिए लाभांश भुगतान के संबंध में कुछ कहना उचित नहीं
होगा. |
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11.
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बैंक के शेयरधारकों को क्या कोई विशेष सुविधा प्रदान की जाती है?
जहां तक ऋणों या जमाराशियों का संबंध है, शेयरधारकों को कोई विशेष सुविधा नहीं दी गई है जैसे
न्यूनतम मार्जिन, अधिमान्य ब्याज दर, प्रेषण के लिए रियायती दर आदि नहीं दिया गया है क्यों ऐसा करना
विभेदमूलक माना जाएगा. |
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12.
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निवेशकों की शिकायतों का निवारण करने के लिए बैंक ने कैसी व्यवस्था की है?
बैंक ने प्र.का. में शेयर प्रभाग व निवेशक शिकायत कक्ष (एसडीआईसीजीसी) खोला है. हमने बैंक के
रजिस्ट्रार व शेयर अंतरण एजेंट के रूप में मेसर्स एमसीएस लिमिटेड, मुंबई की सेवाएं ले रहे हैं.
शिकायतों का निवारण मेसर्स एमसीएस लिमिटेड द्वारा किया जाता है. लेकिन, शेयरधारकों से सीधे हमारे पास
मिली शिकायतें/दरख्वास्त एमसीएस लिमिटेड के पास भेजी जाती हैं तथा प्रत्येक पखवाड़े में इनके निपटान
के अनुवर्तन पर निगरानी रखी जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर एक शिकायत पर गौर किया जाता
है. शेयर अंतरण एजेंट, शिकायतों/दरख्वास्त की स्थिति पर मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं. इस समय,
प्राप्त अधिकतर शिकायतें/दरख्वास्त, पता बदलने तथा लाभांश वारंट न मिलने से संबंधित हैं. लाभांश
वारंट के भुगतान के लिए हमने इस समय उन केंद्रों में, जहां बड़ी तादाद में शेयर धारक हों, ईसीएस सुविधा
लागू की है तथा भविष्य में इसे दूसरे केंद्रों तक फैलाया जाएगा. सभी शेयरधारकों से हमारा अनुरोध है कि
वे, ईसीएस सुविधा का लाभ उठाएं.
यदि किसी शेयर धारक को अपनी शिकायत का संतोषजनक जवाब न मिला हो तो कृपया इनको लिखें:
श्री के. के. गोपालकृष्णन नायर,
कंपनी सचिव,
विजया बैंक , मंडल सचिवालय,
प्रधान कार्यालय, 41/2, एम.जी.रोड,
बेंगलूर 560 001
टेलीफैक्स : 080 - 25594737
फोन : 080 - 25584066 - विस्तार. 271
ई-मेल: sdigc@vijayabank.co.in |
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13.
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बैंक की इक्विटी की शेयरधारण प्रक्रिया किस प्रकार है?
31.03.2006 को बैंक के शेयरधारण का पैटर्न इस प्रकार है: |
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नाम |
राशि |
धारित प्रतिशत |
| 1. |
भारत सरकार |
23,35,17,800 |
53.87 |
| 2. |
म्यूचुअल फंड और यूटीआई |
83,49,061 |
1.93 |
| 3. |
बैंक, वित्तीय संस्थाएं, बीमा कंपनियां(केंद्र/ राज्य सरकार की संस्थाएं/गैर
सरकारी संस्थाएं) |
1,97,91,558 |
4.56 |
| 4. |
भारतीय सार्वजनिक |
8,52,47,608 |
19.66 |
| 5. |
एनआरआई/ओसीबी |
28,03,006 |
0.65 |
| 6. |
एफआईआई |
6,93,23,629 |
15.99 |
| 7. |
निजी कंपनी निकाय |
1,44,85,138 |
3.34 |
| 8. |
Total |
43,35,17,800 |
100.00 |
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14.
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निदेशक मंडल का गठन कैसे किया जाता हैं?
निदेशक मंडल का बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम 1980 की धारा
9(3) के अधीन गठन निम्नानुसार किया जाता हैः
| धारा |
9 (3) (क) |
दो पूर्णकालिक निदेशक |
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9 (3) (ख) |
भारत सरकार का एक प्रतिनिधि |
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9 (3)(ग) |
भा.रि.बैं. का एक प्रतिनिधि |
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9 (3)(घ) |
निर्दिष्ट वित्तीय संस्थाओं से केवल दो निदेशक |
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9 (3)(ङ) |
एक कामगार प्रतिनिधि |
| |
9 (3)(च) |
एक अधिकारी प्रतिनिधि |
| |
9 (3)(छ) |
एक सनदी लेखाकार |
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9 (3)(ज) |
छः अन्य निदेशक |
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9 (3)(झ) |
चार शेयर धारक निदेशक |
धारा 9 (3) (i) के तहत निदेशकों के रूप में चुने जाने पर, धारा (3) (एच) के तहत
नामित समान संख्या में निदेशक, ऐसे सेवानिवृत्त होंगे जैसे योजना में निर्दिष्ट किया जाए.
धारा (3) (एच) के तहत नामित किए जानेवाले अथवा धारा 9 (3) (i) के तहत चुने जानेवाले निदेशक को
(क) नीचे उल्लिखित एक या उससे अधिक विषयों में विशेष ज्ञान अथवा व्यावहारिक अनुभव होना चाहिए
जैसे;
- कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
- बैंकिंग
- सहकारिता
- अर्थशास्त्र
- वित्त
- विधि
- लघु उद्योग
-
viii. कोई ऐसा दूसरा विषय जिसका विशेष ज्ञान और जिसमें व्यावहारिक अनुभव, रिजर्व
बैंक की राय में, तदनुरूपी नए बैंक के उपयोग सिद्ध हो सकता है.
(ख) जो, जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिनिधि हो अथवा
(ग) जो किसानों, कामगारों तथा कारीगरों के हितों के प्रतिनिधि हों.
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15.
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शेयर धारक, कितने निदेशकों का निर्वाचन कर सकते हैं?
चूंकि सार्वजनिक शेयरधारण 20% से अधिक परंतु 40% से कम है, इसलिए शेयरधारकों के चार नामिती
निदेशकों को नियुक्त किया जा सकता है. |
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16.
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एजीएम बुलाने, लेखों को प्रकाशित करने व लाभांश भुगतान करने की क्या प्रक्रिया है?
बैंकिंग विनियम अधिनियम, 1949 की धारा 29 - वित्तीय वर्ष समाप्त हुए 3 महीने के अंदर, तुलन
पत्र व लाभ व हानि लेखा, भारतीय रिज़र्व बैंक तथा भारत सरकार को पेश करना होगा.
बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम, 1980 की धारा 10 (ए) (1) - भारत सरकार या
भारतीय रिज़र्व बैंक को लेखा परीक्षित लेखे पेश किए गए छः हफ़्तों के अंदर, जो भी पहले हो, एजीएम बुलाई
जानी चाहिए.
सूचीबद्ध करने संबंधी करार के खण्ड 41 के अनुसार, सभी शेयरधारकों को एजीएम की तारीख से कम-से-कम
21 दिन पहले लेखा परीक्षित लेखों के साथ एजीएम की नोटिस दी जानी चाहिए. |
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17.
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डीमैट फार्म में शेयरधारण से शेयरधारकों को क्या लाभ है?
- इससे दोषमुक्त शेयर सौंपने से बचा जा सकता है.
- प्रतिभूति का अंतरण तुरंत किया जाता है.
- शेयरों का अंतरण करने के लिए कोई स्टांप शुल्क नहीं देना पड़ेगा.
- अमूर्त शेयरों का कोई बाजार भाव नहीं होता है.
- अधिक संख्या में मूर्त प्रमाणपत्रों को रखने की आवश्यकता नहीं होती है.
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18.
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बैंक की लाभांश नीति क्या है?
संतुलित लेखा मानक के आधार पर आरक्षित निधि निर्मित कर दिए जानेवाले लाभांश का संतुलन करते हुए
शेयरधारकों का मूल्य बढ़ाना. |
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19.
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Hडूप्लिकेट शेयर प्रमाणपत्र जारी में बैंक को कितना वक्त लगता है?
शेयरधारकों के अनुरोध पर हमारे शेयर अंतरण एजेंट, प्रश्नावली, क्षतिपूर्ति, हलफ नामा तथा
प्रतिभू फार्म भेजेगा. ये दस्तावेज प्रस्तुत करने पर बैंक समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी करेगा और
अगर कोई आपत्ति हो तो उसके लिए 15 दिन तक इंतजार करेगा. उसके बाद, निदेशक मंडल से अनुमोदन मिलने के बाद
डूप्लिकेट शेयर प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे. इस प्रक्रिया में, सही रूप में प्रलेख मिलने के बाद करीब
छः हफ़्ते का समय लगेगा. |
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20. |
बैंक की इक्विटी का कितना हिस्सा अमूर्त रूप में रखा गया है?
31.03.2006 को, बैंक के सार्वजनिक के लिए निर्गमित 20,00,00,000 शेयरों में से 16,55,23,219
शेयर, इलेक्ट्रॉनिक रूप में रहे. बैंक ने अपने शेयरों का, नैशनल सेक्युरिटीस डिपॉसिटरी लि. और
सेंट्रल डिपॉसिटरी सर्वीसस लिमिटेड पास अमूर्तीकरण कराया है. |
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21. |
किन-किन शेयर बाज़ारों में बैंक के शेयर सूचीबद्ध किए गए हैं?
हमने अपने शेयरों को बेंगलूर, मुंबई तथा राष्ट्रीय शेयर बाज़ारों में सूचीबद्ध किया है तथा
शेयरों का व्यापार सिर्फ अमूर्त रूप से किया जाता है. |
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22. |
चाहने पर शेयरधारकों की सूची की प्रतिलिपि पाने के लिए बैंक, शेयरधारकों से 50,000/-रु. क्यों
लेता है?
देश के विभिन्न भागों में हमारे 2,60,000 से भी अधिक शेयर धारक हैं तथा एसईबीआई मार्गनिर्देशों
के अनुसार यह जरूरी है कि सूची, मुद्रित प्रतियों में उपलब्ध कराई जाए. छपाई व लेखन सामग्री का खर्च
भरने के लिए यह रकम ली जाती है. विजया बैंक सामान्य विनियम के खण्ड 64 में यह स्पष्ट कहा गया है कि
शेयरधारकों की सूची, शेयरधारकों को, मंडल द्वारा निर्दिष्ट कीमत पर खरीदने के लिए दी जाती है. हमने
दूसरे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से भी पूछताछ की है जो शेयरधारकों की सूची के लिए इतनी ही रकम लेते
हैं. इसलिए 50,000/-रु. की रकम ली जाती है. |
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23.
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इस समय बैंक के कितने शेयर धारक हैं?
31.06.2006 को बैंक के शेयर धारकों की संख्या 2,60,228 रही. |
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24. |
एजीएम की कार्यवाही चलाने के लिए जरूरी कोरम कितना है?
विजया बैंक सामान्य विनियम, 1998 के अनुसार, अगर बैठक के प्रारंभ में व्यक्तिगत रूप से
उपस्थित हो तो बैठक में मत चलाने के हकदार कम से कम पाँच शेयर धारक का बैठक कोरम बनेंगे. |
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25.
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कितने शेयर धारकों को ईसीएस से लाभांश अदा किया गया?
वर्ष 2005-06 के लिए, बैंक ने ईसीएस से 63,524 शेयर धारकों को 13,02,86,082.00 रु. का अंतिम
लाभांश अदा किया. |
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26.
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आर व टी एजेंट, बैंक व एसईबीआई के पास शेयरधारकों की शिकायतों की इस समय क्या स्थिति
है?
31.03.2006 तक, बैंक, आर व टी एजेंट या एसईबीआई के पास शेयरधारकों की कोई शिकायत लंबित नहीं है.
के. गोपालकृष्णन नायर
कंपनी सचिव |
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