We at Vijaya Bank Branch Network Customer Relations Sitemap FAQs Other Links
मुख पृष्ठ   फार्म डाउन लोड करें   ब्‍याज दर    
 
  पाठ का आकार
   
   
अकसर किए गए सवाल
 
 



 
 
 
क्रेडिट कार्ड पर एफएक्यू

  1. क्रेडिट कार्ड क्या है?
    क्रेडिट कार्ड एक सुविधापूर्ण भुगतान प्रपत्र है जिसके ज़रिए कार्ड धारक नकद या चेक अदा किए बिना माल व सेवाएँ खरीद सकता है. हमारे क्रेडिट कार्ड का सिद्धान्त है 'अब खरीदो, बाद में भुगतान करो'.

  2. मैं क्रेडिट कार्ड के लिए अंशदान क्यों दूँ?
    • नकद की तरह भारी-भरकम नहीं है, उपयोग करते-करते यह विकृत नहीं होता है और आपको छुट्टे रखने की जरूरत भी नहीं है.
    • नकद ले जाने से ज्यादा सुरक्षित है और इसे केवल मालिक ही इस्तेमाल कर सकता है.
    • महीने में एक ही बार भुगतान करना पड़ेगा
    • व्यय व भुगतान का व्यवस्थित हिसाब
    • कार्ड धारक को 15 से 45 दिनों के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा
    • अतिरिक्त सदस्यों को खर्च करने का अधिकार दिया जा सकेगा
    • आपात काल में काम आता है - अधिक नकद न होने पर भी चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है
    • अतिरिक्त सुविधाएँ जैसे बीमा रक्षा/कटौती आदि


  3. अगर मेरे पास पहले से ही कार्ड है तो मुझे दूसरे कार्ड की क्या जरूरत है? क्‍या ऐसा करना फायदेमंद है ?
    • आपको अधिक ऋण सीमा मिलेगी
    • इससे आप अधिक खरीदारी कर सकते हैं
    • आपको अधिक आकर्षक पेशकश मिलेगी

  4. कितनी बार मैं विजया बैंक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकता हूँ?
    निर्दिष्ट ऋण सीमा तक जितनी बार चाहे इस्तेमाल कर सकते हैं.

  5. कार्ड के ज़रिए भुगतान करने पर क्या मुझे ज्‍यादा पैसे देने पड़ेंगे?
    नहीं, आपको अतिरिक्त भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है, वास्तव में आपको कम-से-कम एक माह के लिए ब्याज रहित ऋण मिलता है. आपका कार्ड स्‍वीकार करने वाला व्यापारी लेन-देन की एक छोटा सी रकम बैंक के पास छोड़ देता है. लेकिन सिर्फ पेट्रोल पम्प, रेलवे बुकिंग काउंटर के मामले में ही, आपको 2.5% का सेवा शुल्क देना पड़ेगा. दूसरे सभी मामलों में, कार्ड के इस्तेमाल पर कोई अतिरिक्‍त खर्च नहीं देना पड़ेगा.

  6. क्या कुछ शुल्‍क छुपाए गए हैं?
    विजया बैंक क्रेडिट कार्ड से खरीदारी के संबंध में कोई शुल्‍क छुपाए नहीं जाते हैं.

  7. मेरे कार्ड के लिए आप ऋण सीमा कैसे तय करते हैं?
    वेतन पर्ची/आयकर विवरणी के सबूत पर आपकी निवल आय के आधार पर ऋण सीमा तय की जाती है. आय पात्रता संबंधी एक मानदंड है जिसकी पूर्ति वेतन-भोगियों व स्व-नियोजित व्यक्तियों को करनी है. इसका मकसद यह देखना है कि कार्ड धारक अपने लेन-देन के लिए भुगतान करने की क्षमता रखता है. इस समय, निर्दिष्ट कार्ड सीमाएँ निम्नानुसार हैं:

    कार्ड का प्रकार न्यूनतम (रु.) अधिकतम (रु.)
    क्लासिक कार्ड 20,000/- 75,000/-
    गोल्ड कार्ड 75,000/- कोई पूर्व निर्दिष्ट अधिकतम सीमा नहीं है.
    अंतर्राष्ट्रीय कार्ड 2,50,000/- कोई पूर्व निर्दिष्ट अधिकतम सीमा नहीं है.

  8. मैं विजया बैंक क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि कैसे अदा कर सकता हूँ?
    • हम आपको एक मासिक विवरण भेजेंगे. इस विवरण से आपको स्‍पष्‍ट जानकारी मिलेगी कि देय राशि कितनी और उसे कब तक अदा करना होगा. यह रकम आपके खाते से अपने आप नामे डाल दी जाएगी. अगर रकम कम पड़े तो खाते में रकम जमा कर आपको शेष राशि की पूर्ति करनी होगी.
    • आपको भुगतान के लिए चेक काटने का कोई झंझट नहीं होगा. यह रकम सीधे आपके खाते से नामे डाली जाएगी.

  9. विजया बैंक ने किस किस्‍म के कार्ड पेश किए हैं?
    हम, इस प्रकार के मास्‍टरकार्ड और वीसा क्रेडिट कार्ड जारी करते हैं:

    1. क्लासिक कार्ड
    2. गोल्ड कार्ड
    3. गोल्ड इंटरनैशनल कार्ड
    4. कार्पोरेट कार्ड
    5. ऐड-ऑन कार्ड

  10. विजया बैंक क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए क्या-क्या पात्रता मानदण्ड हैं?
    हां, बशर्ते कि आपने संबद्ध शेयर/डिबेंचर, प्रत्यावर्तन आधार पर खरीदे हों.

    अगर आप ----- हो तो क्लॉसिक गोल्ड
    वेतन-भोगी * कम-से-कम 60,000/- रु प्र.व. आय कम-से-कम 1,20,000/- रु प्र.व. आय
    स्व-नियोजित व्यक्ति * कम-से-कम 50,000/- रु प्र.व. आय कम-से-कम 1,00,000/- रु प्र.व. आय
    अगर आपके पास --- हो दो वर्ष व उससे अधिक अवधि के लिए 50,000/- रु की मीयादी जमाराशि
    अथवा
    2 लाख रु व अधिक रकम की ऋण सुविधा संतोषजनक ढंग से मिल रही हो
    दो वर्ष व उससे अधिक अवधि के लिए 1 लाख रु. की मीयादी जमाराशि
    अथवा
    5 लाख रु व अधिक रकम की ऋण सुविधा संतोषजनक ढंग से मिल रही हो
    * आय के सबूत के तौर पर आपको आय कर विवरणी/फार्म 16/वेतन प्रमाणपत्र की प्रति प्रस्तुत करनी होगी.

  11. गोल्ड अंतर्राष्ट्रीय कार्ड के लिए क्या-क्या पात्रता मानदण्ड हैं?
    • अंतर्राष्ट्रीय कार्ड आपकी विदेशी यात्रा के लिए जारी किए जाते हैं.
    • पात्रता मानदण्ड हमारे गोल्ड कार्ड के समान हैं.

  12. ऐड-ऑन कार्ड क्या है?
    हम आपके पति/पत्नी, बच्चों व माता-पिता को ऐड-ऑन कार्ड प्रदान करते हैं. आपको सिर्फ उनको नामित कर मार्जिन शुल्क अदा करना होगा. आय की परवाह किए बगैर उनको कार्ड जारी किए जाएंगे बशर्ते कि उनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो. वे कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं, आपके खाते में व्यय शामिल किया जाता है तथा बिल सीधे उनके पास भेजा जाता है.

  13. कार्पोरेट कार्ड क्या है?
    • ऐसी सारी लिमिटेड कंपनियां (निजी और सार्वजनिक) जिनकी न्यूनतम अभिदत्त पूँजी 10 लाख रु. हो, कार्पोरेट कार्ड के लिए आवेदन कर सकती है.
    • कार्पोरेट गोल्ड कार्ड के लिए अभिदत्त पूँजी 20 लाख रु. होनी चाहिए.
    • कार्ड जारी करने के लिए कंपनी को न्यूनतम 3 अधिकारी प्रायोजित करने होंगे और अपना लेखा परीक्षित तुलन पत्र, आय कर मूल्यांकन/मंजूरी आदेश, अगर कोई दूसरा बैंकर हो तो उसके ब्‍यौरे तथा कंपनी के खाते में नामे डालकर कंपनी कार्ड जारी करने के सिलसिले में उनके मंडल का एक संकल्प प्रस्तुत करना होगा.


  14. विजया बैंक क्रेडिट कार्ड की शुल्क रचना कैसी है?
    हमारे शुल्‍क, बाजार में न्यूनतम हैं.

    1. क्लॉसिक कार्ड
      • 300/- रु. का एक-बारगी प्रवेश शुल्क
      • 300/- रु. का पेशगी वार्षिक अभिदान शुल्क
      • ऐड-ऑन कार्ड के लिए 100/- रु. का एक-बारगी प्रवेश शुल्क
      • ऐड-ऑन कार्ड के लिए 150/- रु. का अग्रिम वार्षिक अभिदान शुल्क
    2. गोल्ड कार्ड
      • 1500/- रु. का एक-बारगी प्रवेश शुल्क
      • 500/- रु. का अग्रिम वार्षिक अभिदान शुल्क
      • ऐड-ऑन कार्ड के लिए 250/- रु. का एक-बारगी प्रवेश शुल्क
      • ऐड-ऑन कार्ड के लिए 500/- रु. का पेशगी वार्षिक अभिदान शुल्क
    3. इंटरनैशनल कार्ड
      • 1000/- रु. का एक-बारगी प्रवेश शुल्क
      • 1000/- रु. का पेशगी वार्षिक अभिदान शुल्क

       
  15. क्रेडिट कार्ड की विधिमान्‍यता अवधि क्या है?
    • प्रारंभ में कार्ड 2 वर्ष के लिए जारी किया जाएगा.
    • क्रेडिट कार्ड परिचालन संतोषजनक होने पर उसका अपने आप नवीकरण होगा.

  16. विजया बैंक क्रेडिट कार्ड की खासियत क्या हैं?
    1. देश-भर में लगभग 1 लाख व्यापारी, हमारा कार्ड स्वीकार करते हैं.
    2. देश-भर में 829 शाखाओं में हमारे कार्ड से तत्‍क्षण नकद आहरण किया जा सकेगा. कार्ड के साथ दिए गए पास बुक के सहारे आप क्लॉसिक कार्ड पर 10,000/- रु. प्रति माह तथा गोल्ड कार्ड पर 25,000/- रु. प्रति माह का आहरण कर सकते हैं. नकदी आहरण के लिए 3% संचालन प्रभार वसूल किया जाएगा.
    3. आप प्रवर्तन योजनाओं में भाग ले सकते हैं और अपने खरीदारी पर छूट भी पा सकते हैं.
    4. आपको 24 घंटे वैयक्तिक दुर्घटना बीमा रक्षा मिलेगी .
      • क्लासिक कार्ड के लिए 1 लाख रु. तक (बीमा रक्षा पाने के लिए प्रति वर्ष प्रति कार्ड न्यूनतम 10,000/- रु. का कारोबार करना चाहिए)
      • गोल्ड कार्ड धारकों को हवाई दुर्घटना से मृत्यु होने पर 4 लाख रु. व दूसरी तरह की दुर्घटना के मामले में 2 लाख रु. की बीमा रक्षा प्रदान की जाएगी.

  17. दूसरे बैंकों के कार्ड के मुकाबले मैं विजया बैंक क्रेडिट क्‍यों लूँ?
    1. न्यूनतम प्रवेश व वार्षिक शुल्क
    2. अपने आप नवीकरण
    3. खरीदारी करने पर कोई ब्याज नहीं, 45 दिनों तक ऋण
    4. मुफ्त दुर्घटना बीमा रक्षा
    5. देश-भर में 829 शाखाओं में से किसी में भी नकद आहरण की सुविधा
    6. नाममात्र शुल्क के साथ ऐड-ऑन कार्ड की सुविधा
    7. भुगतान के लिए चेक काटने की आवश्यकता नहीं, बिल की रकम माह में एक बार कार्ड धारक के खाते से सीधे नामे डाली जाएगी.
    8. कोई अप्रकट प्रभार या विलम्ब शुल्क नहीं

  18. विजया बैंक क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए भविष्य में अतिरिक्त सुविधाएँ क्या-क्या हैं?
    1. प्रमुख महा नगरीय/नगरीय केन्द्रों में इंटरकनेक्टिविटी सहित एटीएम सुविधा प्रारंभ करना चाहते हैं.
    2. ग्लोबल क्रेडिट कार्ड - एक ही कार्ड से देशी व अंतर्राष्ट्रीय, दोनों तरह के लेन-देन किए जा सकेंगे.
    3. रिवार्ड पाइंट्स - कार्ड से किए गए प्रत्येक लेन-देन के लिए आपको रिवार्ड पाइंट्स मिलेंगे जिसे आप बाद में भुना सकते हैं.
    4. परिक्रामी ऋण - अपनी देयताएं चुकाने का आसान तरीका.

  19. अपने कार्ड की हिफाजत मैं कैसे करुँ?
    • जैसे ही आपको कार्ड मिले, नाम जांचकर हस्ताक्षर पैनल पर अपने हस्ताक्षर करें.
    • आप किसी को भी किसी भी तरह से इस्‍तेमाल के लिए अपना कार्ड न दें.
    • व्यापारी केंद्रों में कोरे चार्ज स्लिप पर हस्ताक्षर न करें.
    • सर्वेक्षण करनेवाले किसी भी व्यक्ति को अपना कार्ड नंबर न दें.
    • इलेक्ट्राँनिकी उपकरणों के पास अपना कार्ड न रखें चूँकि यह कार्ड के मैग्नेटिक स्ट्रिप को खराब कर सकता है.
एनआरआई सेवाओं पर एफएक्यू
 
  1. क्या अनिवासियों की ओर से भारत में उसका मुख़्तारनामा धारक (पीओए) एनआरई खाते खोल सकता है?
    नहीं

  2. क्या मुख़्तारनामा धारक निवासी एनआरई खाते चला सकता है?
    हां, लेकिन खातेदार की तरफ से किए जानेवाले सिर्फ स्थानीय भुगतान के लिए. भा.रि.बैंक की पूर्वानुमति से पीएओ भारत में निवेश कर सकता है. लेकिन वह न तो एनआरई खाते से उपहार दे सकेगा न ही जावक प्रेषण कर सकेगा न ही एनआरई खातों में विदेशी मुद्रा नोटों, यात्री चेकों की प्राप्तियां जमा कर सकेगा.

  3. क्या एनआरओ/एनआरई खातेदार अपनी मीयादी जमाराशियों के प्रति ऋण/ओवरड्राफ्ट ले सकेगा?
    हां, सिवाय पुनः उधार देने के लिए, कृषि/बागान गतिविधियां चलाने अथवा स्थावर संपदा कारोबार में निवेश करने के लिए.

  4. क्या एनआरई मीयादी जमाराशि के प्रति ऋण की चुकौती एनआरओ खाते की निधि से की जा सकती है?
    हां, लेकिन समय-समय पर लागू वाणिज्यिक ब्याज दर पर ब्याज लगाया जाएगा.

  5. क्या अलग-अलग खातेदार के एनआरई खातों के बीच निधि का अंतरण किया जा सकेगा?
    हां, किसी भी उद्देश्‍य से अंतरण किया जा सकेगा. अगर उपहार के ज़रिए अंतरण करना हो तो अंतरिती/अंतरणकर्ता बैंक का इस आशय का वचन पत्र देना होगा कि अगर कोई उपहार कर देना पड़े उस आय कर प्राधिकारियों के पास चुकाया जाएगा.

  6. एफसीएनआर (बी) जमाराशियों पर ब्‍याज दर में आवधिक संशोधन किया जाता है?
    हां, संबंधित बैंक, ब्याज दर तय करते हैं और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में प्रचलित दर के आधार पर समय-समय पर संशोधित किए जाते हैं और बिना कोई सूचना दिए इनमें परिवर्तन किया जाता है.

  7. क्या सरकारी प्रतिभूतियों/यूनिटों, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र की क्रय/परिपक्वता प्राप्तियों का प्रत्यावर्तन करने की इजाजत है?
    हां, लेकिन शर्त यह है कि ऐसी प्रतिभूतियां, एनआरई/एफसीएनआर (बी) खातों से विदेश से प्रेषित निधि से खरीदी गई हों.

  8. क्या एनआरआई, भारतीय कंपनियों के शेयरों/डिबेंचरों की संपार्श्विक प्रतिभूति के प्रति विदेश में ऋण ले सकते हैं?
    हां, बशर्ते कि संबद्ध शेयर/डिबेंचर प्रत्यावर्तन आधार पर खरीदे गए हों.

  9. क्या भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को अपने रिहाइशी प्रयोजन से भारत में अचल संपत्ति खरीदने के लिए भा.रि.बैं. की अनुमति लेनी पड़ती है?
    हां, लेकिन भा.रि.बैं. की सामान्य अनुमति के तहत, वास्तविक निवासीय प्रयोजन से एक अचल संपत्ति खरीद सकते हैं. उचित बैंकिंग माध्यम से एनआरई/एफसीएनआर (बी) या विदेशी प्रेषण के जरिए भुगतान करना पड़ेगा. क्रय-तारीख से 90 दिनों के अंदर भा.रि.बैं. को आईपीआई-7 में घोषणा प्रस्तुत करना होगा.

  10. अगर चाहे तो ऐसी संपत्ति की बिक्री प्राप्तियों का प्रत्यावर्तन करने की क्या प्रक्रिया है?
    संपत्ति बेचे गए 90 दिनों के अंदर आईपीआई-8 में आवेदन प्रस्तुत करना होगा.

  11. अगर तत्काल उपयोग के लिए जरूरत न हो तो क्या संपत्ति (रिहाइशी/वाणिज्यिक) को किराए पर दिया जा सकता है?
    हां, लेकिन किराया आय या ऐसी आय के निवेश की प्राप्तियां एनआरओ खातों में जमा करनी होगी.

  12. क्या एनआरआई रिहाइशी प्रयोजन से वित्तीय संस्थाओं से घर/फ्लैट लेने के लिए ऋण ले सकते हैं?
    हां, भा.रि.बैं. ने एचडीएफसी, एलआईसी आवास वित्त लि., आदि को सामान्य अनुमति दी है कि वे, अनिवासी भारतीय नागरिकों को स्‍वत:-दखल करने के इरादे से मकान/फ्लैट खरीदने करने के लिए आवास ऋण प्रदान करें. उधारकर्ता से अपेक्षित है कि वह, विदेशी प्रेषण के ज़रिए लागत के 25% की पूर्ति करें. प्राधिकृत व्‍यापारियों को भी अनुमति दी गई है कि वे एनआरआई को भारत लौट आने पर स्‍वत:-दखल करने के लिए केवल एक फ्लैट/मकान के लिए ऋण प्रदान करें.

  13. क्या लौटनेवाले भारतीयों को भारत लौटने के बाद भी विदेश में अपनी आस्तियां अलग नाम से रखने की अनुमति है?
    हां, 17 जुलाई, 1992 से, लगातार एक वर्ष और उससे अधिक समय तक रहने के बाद भारत लौटने वाले अपनी आस्तियां, विदेशी मुद्रा खाते विदेश में रख सकते हैं या अपनी दूसरी विदेशी मुद्रा आस्तियां और अचल आस्तियां बेच सकते हैं. वे भारत में आस्तियों का प्रत्यावर्तन भी कर सकते हैं तथा उनको प्राधिकृत डीलरों के पास ''निवासी विदेशी मुद्रा (आरएफसी) खातों में अलग रूप से रख सकते हैं.

  14. क्या आरएफसी खाते की निधि का विदेश में प्रेषण या स्थानीय भुगतानों के लिए प्रयोग किया जा सकता है ?
    हां, आरएफसी खातों में निधि का किसी वास्तविक प्रयोजन से विदेश में प्रेषण किया जा सकता है तथा स्थानीय भुगतानों के लिए भारतीय रुपयों में आसानी से आहरण भी किया जा सकता है.

  15. एनआरई/एफसीएनआर (बी) खातों में रखी गई शेष/जमाराशियों पर एनआरआई को कैसी रियायत मिलती हैं?
    एफसीएनआर (बी)/एनआरई जमाराशियों तथा एनआरएनआरआरडी के ब्याज के रूप में प्राप्त आय पर भारतीय आय कर के भुगतान से छूट है. तथापि एनआरओ खातों पर ब्याज आय पर आय कर देना पड़ेगा.

  16. अनिवासी बनने से पहले एनआरआई की भारत में धारित आस्तियों को भारत के बाहर प्रत्यावर्तन किया जा सकता है?
    हां, लेकिन लागू कर अदा करना पड़ेगा.

वार्षिक सामान्य बैठक के बारे में शेयर प्रभाग व निवेशकर्ता शिकायत कक्ष से जुड़े एफएक्यू
 
  1. क्या बैंक के तुलन पत्र का शेयर धारकों की वार्षिक सामान्य बैठक में अनुमोदन लेना पड़ता है?
    बैंकिंग कंपनी(उपक्रमों का अर्जन व अंतरण) अधिनियम, 1980 की धारा 10(क)(2) के अनुसार, शेयरधारकों को, तुलन पत्र, लाभ-हानि लेखा तथा लेखों से संबंधित अवधि के लिए बैंक के कामकाज और गतिविधियों पर निदेशकों की रिपोर्ट एवं तुलन पत्र, लाभ-हानि लेखा पर लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट पर चर्चा करने का हक है.

  2. क्या एजीएम में मौजूदा शेयर-धारक तुलनपत्र, लाभ-हानि लेखा, निदेशकों व लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट को छोड़कर किसी दूसरे कारोबार पर चर्चा कर सकते हैं?
    ऊपर उल्लिखित धारा 10(क)(2) के अनुसार, किसी दूसरे मामले पर चर्चा करने के लिए अध्यक्ष का अनुमोदन लेना आवश्यक है.

  3. क्या शेयरधारकों को एजीएम के कार्यवृत्त की प्रति प्राप्त करने का अधिकार हैं?
    एजीएम का कार्यवृत्त, मंडल द्वारा निर्दिष्‍ट स्थान पर रखना पड़ता है. एजीएम का कार्यवृत्त बैंक के प्रधान कार्यालय में रखने का विचार है तथा शेयर-धारक इसका निरीक्षण कर सकेंगे. कार्यवृत्त की प्रति की दरख्‍वास्‍त पर विचार किया जाएगा.

  4. क्या लाभांश का भुगतान करने के लिए एजीएम का अनुमोदन लेना पड़ेगा?
    मंडल को लाभांश की घोषणा करनी पड़ती है/अनुमोदन देना पड़ता है. लेकिन एजीएम में, लेखों के साथ-साथ लाभांश पर भी चर्चा की जा सकती है.

  5. बैंक बाहर के रजिस्ट्रार व अंतरण एजेंटों पर क्‍यों निर्भर होता है?
    रजिस्ट्रार व अंतरण एजेंट का काम बहुत खास किस्‍म का होता है. हमारे बैंक ने अपना प्रथम सार्वजनिक पूंजी निर्गम नवंबर 2000 में किया और निवेशकों की सेवा, सूचीबद्ध करारों के अनुपालन, एसईबीआई विनियमों आदि क्षेत्रों में मूल्यवान अनुभव प्राप्त कर रहा है, बैंक आगे चल कर आवश्यक विशेषज्ञता हासिल करने, लागत लाभ प्राप्‍त करने व निवेशकों के हितों को ध्‍यान में रखने के बाद ही आंतरिक एजेंट के बारे में सोच सकता है.

  6. जाली शेयर प्रमाणपत्र खोजने के लिए बैंक क्या कर रहा है?
    30.09.1994 के बाद उपचित ब्याज का प्रत्यावर्तन किया जा सकेगा तथा मूल धनराशि प्रत्यावर्तित करने योग्‍य नहीं है. बैंक के मुद्रित शेयर प्रमाणपत्र में कुछ सुरक्षा पहलू शामिल हैं जिनकी शेयर अंतरण एजेंट उस वक्त जांच करते हैं जब जालसाजी आदि से बचने के इरादे से अंतरित करने के लिए शेयर प्राप्त होते हैं. आगे, बैंक ने ऐसे जाली अंतरण से बचने के लिए बैंक ने बीमा पॉलिसी ली है.

  7. बैंक का बाजार पूंजीकरण कितना है तथा दूसरों की तुलना में उसकी क्या स्थिति है?
    मौजूदा बाजार मूल्य 15/-रु. प्रति शेयर है. बैंक के शेयरों की बाजार पूंजीकरण के साथ तुलना करना उचित नहीं होगा. हमारा शेयर मूल्य अब ऊर्ध्वगामी प्रवृत्ति दिखा रहा है.

  8. बैंक की प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) कितनी है?
    31.03.2003 को मौजूदा ईपीएस 5.89 रु. है.

  9. निवेशकों की शिकायतों का निवारण करने के लिए बैंक ने कैसी व्यवस्था की है?
    बैंक ने प्र.का. में शेयर प्रभाग व निवेशक शिकायत कक्ष (एसडीआईसीजीसी) खोला है. हमने बैंक के रजिस्‍ट्रार व शेयर अंतरण एजेंट के रूप में मेसर्स एमसीएस लिमिटेड, मुंबई की सेवाएं ले रहे हैं. शिकायतों का निवारण मेसर्स एमसीएस लिमिटेड द्वारा किया जाता है. लेकिन, शेयरधारकों से सीधे हमारे पास मिली शिकायतें/दरख्‍वास्‍त एमसीएस लिमिटेड के पास भेजी जाती हैं तथा प्रत्येक पखवाड़े में इनके निपटान के अनुवर्तन पर निगरानी रखी जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर एक शिकायत पर गौर किया जाता है. शेयर अंतरण एजेंट, शिकायतों/दरख्‍वास्‍त की स्थिति पर मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं. इस समय, प्राप्‍त अधिकतर शिकायतें/दरख्‍वास्‍त, पता बदलने तथा लाभांश वारंट न मिलने से संबंधित हैं. लाभांश वारंट के भुगतान के लिए हमने इस समय उन केंद्रों में, जहां बड़ी तादाद में शेयर धारक हों, ईसीएस सुविधा लागू की है तथा भविष्य में इसे दूसरे केंद्रों तक फैलाया जाएगा. सभी शेयरधारकों से हमारा अनुरोध है कि वे, ईसीएस सुविधा का लाभ उठाएं.

    यदि किसी शेयर धारक को अपनी शिकायत का संतोषजनक जवाब न मिला हो तो कृपया कंपनी सचिव, विजया बैंक, एसडीआईजीसी, प्रधान कार्यालय, 41/2, एम.जी.रोड, बेंगलूर को लिखें.

  10. बैंक की इक्विटी की शेयरधारण प्रक्रिया किस प्रकार है?
    31.12.2002 को शेयरधारण का पैटर्न इस प्रकार है:
    नाम राशि धारित प्रतिशत
    भारत सरकार 233.52 70.02
    बैंक 10.36 3.11
    भारतीय जनता 71.75 21.51
    एनआरआई 0.22 0.07
    कर्मचारी 6.60 1.98
    अन्य कंपनी निकाय 11.07 3.31
    कुल 333.52 100.00


  11. क्यों एजीएम में उपहार/उपहार कूपन नहीं दिए जाते हैं?
    भारत सरकार के मार्गनिर्देशों के मद्दे नज़र, एजीएम में कोई उपहार/उपहार कूपन नहीं दिए जाते हैं.

  12. क्या बैंक आनेवाले वर्षों में लाभांश दर बढ़ाएगा?
    शेयरधारकों को यह जानते हैं कि लाभ, पूंजी आधार आदि और वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लाभांश देने की बात पर विचार किया जाता है. इसलिए आगामी वर्षों के लिए लाभांश भुगतान के संबंध में कुछ कहना उचित नहीं होगा.

  13. बैंक के शेयरधारकों को क्या कोई विशेष सुविधा प्रदान की जाती है?
    जहां तक ऋणों या जमाराशियों का संबंध है, शेयरधारकों को कोई विशेष सुविधा नहीं दी गई है जैसे न्यूनतम मार्जिन, अधिमान्य ब्याज दर, प्रेषण के लिए रियायती दर आदि नहीं दिया गया है क्‍यों ऐसा करना विभेदमूलक माना जाएगा.

  14. निदेशक मंडल का गठन कैसे किया जाता हैं?
    निदेशक मंडल का बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम 1980 की धारा 9(3) के अधीन गठन निम्नानुसार किया जाता हैः

    धारा 9 (3) (क) के अधीन - दो पूर्णकालिक निदेशक
    9 (3) (ख) - भारत सरकार का एक प्रतिनिधि
    9 (3) (ग) - भा.रि.बैं. का एक प्रतिनिधि
    9 (3) (घ) - निर्दिष्ट वित्तीय संस्थाओं से केवल दो निदेशक
    9 (3) (ङ) - एक कामगार प्रतिनिधि
    9 (3) (च) - एक अधिकारी प्रतिनिधि
    9 (3) (छ) - एक सनदी लेखाकार
    9 (3) (ज) - छः अन्य निदेशक
    9 (3) (झ) - चार शेयर धारक निदेशक


    धारा 9 (3) (i) के तहत निदेशकों के रूप में चुने जाने पर, धारा (3)   (एच) के तहत नामित समान संख्‍या में निदेशक, ऐसे सेवानिवृत्‍त होंगे जैसे योजना में निर्दिष्‍ट किया जाए.

    धारा (3) (एच) के तहत नामित किए जानेवाले अथवा धारा 9 (3) (i) के तहत चुने जानेवाले निदेशक को

    1. नीचे उल्लिखित एक या उससे अधिक विषयों में विशेष ज्ञान अथवा व्यावहारिक अनुभव होना चाहिए जैसे:

      1. कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
      2. बैंकिंग
      3. सहकारिता
      4. अर्थशास्त्र
      5. वित्त
      6. विधि
      7. लघु उद्योग
      8. कोई ऐसा दूसरा विषय जिसका विशेष ज्ञान और जिसमें व्यावहारिक अनुभव, रिजर्व बैंक की राय में, तदनुरूपी नए बैंक के उपयोग सिद्ध हो सकता है.
    2. जो, जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिनिधि हो अथवा
    3. जो किसानों, कामगारों तथा कारीगरों के हितों के प्रतिनिधि हों.

  15. शेयर धारक, कितने निदेशकों का निर्वाचन कर सकते हैं?
    चूंकि सार्वजनिक शेयरधारण 20% से अधिक परंतु 40% से कम है, इसलिए शेयरधारकों के चार नामिती निदेशकों को नियुक्‍त किया जा सकता है.

  16. एजीएम बुलाने, लेखों को प्रकाशित करने व लाभांश भुगतान करने की क्या प्रक्रिया है?
    बैंकिंग विनियम अधिनियम, 1949 की धारा 29 - वित्तीय वर्ष समाप्‍त हुए 3 महीने के अंदर, तुलन पत्र व लाभ व हानि लेखा, भारतीय रिज़र्व बैंक तथा भारत सरकार को पेश करना होगा.