We at Vijaya Bank Branch Network Customer Relations Sitemap FAQs Other Links
मुख पृष्ठ   फार्म डाउन लोड करें   ब्‍याज दर    
 
  पाठ का आकार
   
   

सिटिज़न चार्टर
 
 प्रस्‍तावना
 नोट
  हमारी शाखाओं में अपनाई गई सामान्‍य परिपाटी
  उचित बैंकिंग व्‍यवहार
  ग्राहक बैंकर संबंध के आम क्षेत्र
 
अगर आपको, हमारी सेवाओं में से किसी के बारे में निर्दिष्‍ट जानकारी या स्‍पष्‍टीकरण चाहे तो कृपया हमसे संपर्क करें. आपका बैंकिंग अधिक अनुकूल बनाने के लिए हम से जो भी बन पाएगा करेंगे.
 
प्रस्‍तावना


सामाजिक एवं आर्थिक मकसद पूरा करने और नतीजतन अधिक से अधिक ग्राहकों को अपनी ओर खींचने की बैंकिंग उद्योग की क्षमता, आखिरकार ग्राहकों के संतोष पर निर्भर होती है. हमारी यह पक्‍क ी धारणा है कि हमारा कारोबार बढ़ाने में एक संतुष्‍ट ग्राहक का सबसे बड़ा योगदान होता है.

विजया बैंक में हमने यह जरूरत महसूस की कि ग्राहकों को ज्‍यादा से ज्‍यादा फायदा दिलाने की दृष्टि से, बैंक को ग्राहकों को प्रदान की जाती रहीं अपनी सेवाओं का एक चार्टर प्रकाशित किया जाए. यह जरूरत पूरी करने में सिटिज़न्‍स चार्टर को एक बुनियादी काग़ज़ात माना गया और तदनुसार यह दस्‍तावेज तैयार किया गया. यह दस्‍तावेज बनाते समय उपयोगकर्ताओं के साथ सलाह-मशविरा किया गया और इसमें ग्राहकों के संतोषपर्यंत विजया बैंक के वायदों पर जोर दिया गया है और इस तरह से उसके अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्‍मेवार और जिम्‍मेदार बनाया गया है. ग्राहकों के फायदेमंद इस चार्टर में, न केवल निवारक कार्य प्रणाली के साथ हमारे वायदों और हमारी जिम्‍मेदारियों का जिक्र किया गया है बल्कि ग्राहक-बैंकर संबंध में स्‍वस्‍थ परिपाटी अपनाने के लिए ग्राहकों की बाध्‍यताएं भी निर्दिष्‍ट की गई हैं.

यह कोई हक दिलानेवाला और बाध्‍यताएं थोपनेवाला कानूनी दस्‍तावेज नहीं है. यह चार्टर बनाने का मकसद है, उचित बैंकिंग व्‍यवहार बढ़ाना और ग्राहक सेवा से संबंधित विभिन्‍न गतिविधियों के बारे में जानकारी देना.

हम, वित्‍त मंत्रालय, भारत सरकार और प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत मंत्रालय के शुक्रगुजार हैं जिन्‍होंने यह चार्टर प्रकाशित करने में हमारी मदद की.

हम, विभिन्‍न सेमिनारों, ग्राहकों के साथ बैठकों आदि के जरिए अपने ग्राहकों के साथ लगातार परामर्श करते रहते हैं जिससे कि ग्राहकों को प्रदान की जाती रही सेवाओं का मूल्‍यांकन किया जा सके, उसमें सुधार किया जा सके और अलग-अलग किस्‍म की सेवाएं प्रदान की जा सके. लेकिन, हमारे ग्राहकों से अनुरोध है कि वे, बैंक से मिलती रहीं विभिन्‍न सेवाओं के बारे में अपने अनुभव हमारे साथ बांटें और इस चार्टर के बारे में दिल खोलकर टिप्‍पणी करें. आनेवाले वर्षों में हम इसे कई और प्रादेशिक भाषाओं में प्रकाशित करना चाहते हैं.

 
नोट

इस पुस्तिका में 17.10.2000 तक की जानकारी दी गई है जिसमें परिवर्तन/संशोधन होगा. इस पुस्तिका को अधिकार दिलानेवाला और बाध्‍यताएं थोपनेवाले कानूनी दस्‍तावेज की तरह न माना जाए. यह ग्राहक और बैंकर के बीच समझदारी बढ़ाने का एक जर्रा है.

इस पुस्तिका में विभिन्‍न सेवाओं/सुविधाओं के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी दी गई है. प्रत्‍य ेक सेवा के अपने ही विस्‍तृत नियम और शर्तें हैं जिसे दरख्‍वास्‍त करने पर उपलब्ध कराया जा सकता है.


अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे शाखा कार्यालयों अथवा प्रधान कार्यालय में पधारे या लिखें.
 
हमारी शाखाओं में अपनाई गईं आम परिपाटी
  1. कारोबार समय प्रदर्शित करना.
  2. विनम्रता से सेवाएं प्रदान करना.
  3. कारोबार समय समाप्‍त होते समय बैंकिंग कक्ष में मौजूद सभी ग्राहकों पर गौर करना.
  4. बड़ी शाखाओं में अलग-अलग ' पूछताछ ' अथवा ' क्‍या मैं आपकी मदद कर सकता हूँ ' काउंटर लगाना.
  5. सभी जमा खातों (अर्थात् वैयक्तिक हैसियत से खोले गए खाते) और सुरक्षित जमा लॉकर के सारे किराएदारों (अर्थात् अलग-अलग किराएदार)को नामांकन सुविधा पेश करना.
  6. विभिन्‍ न जमा योजनाओं के बारे में समय-समय पर ब्‍याज दर प्रदर्शित करना.
  7. अग्रिमों पर ब्‍याज दरों में परिवर्तन अधिसूचित करना.
  8. बैंक की विभिन्‍न जमा योजनाओं/सेवाओं के ब्‍यौरे उपलब्‍ध कराना.
  9. मांग ड्राफ़्ट, भुगतान आदेश आदि जारी करना.
  10. विभिन्‍ न प्रकार के बैंकिंग लेन-देन के लिए समय-मानदंड प्रदर्शित करना.
  11. समय-समय पर भारतीय रिजर्व बैंक की सलाह के मुताबिक बाहर के चेकों की प्राप्तियां देर से जमा करने पर ब्‍याज अदा करना.
  12. समय-समय पर भारतीय रिजर्व बैंक की सलाह के मुताबिक कुछ शर्तों पर निर्दिष्‍ट सीमा तक बाहर के और स्‍थानीय चेकों के संबंध में तत्‍क्षण प्राप्तियां जमा करना.
  13. शाखा परिसर में शिकायत/सुझाव पेटी रखना.
  14. ग्राहकों की शिकायतों पर गौर करनेवाले क्षेत्रीय कार्यालयों और प्रधान कार्यालय तथा नोडल अधिकारी का पता प्रदर्शित करना.
 
उचित बैंकिंग व्‍यवहार

ग्राहकों से अनुरोध है कि वे -

  1. अपना चेक बुक और पास बुक सुरक्षित अभिरक्षा में रखें.
  2. बेहतर होगा कि अगर चेक लिखते समय कार्बन मुडकर रखें.
  3. जहां तक हो सके, रेखांकित/अदाता के खाते में देय चेक जारी करें.
  4. जारी करने से पहले चेक के ब्‍यौरे जांचे अर्थात्; शब्‍दों और अंकों में रकम, रेखांकन आदि. जहां तक हो सके, रकम को निकटतम रुपए में पूर्णांकित करने के बाद चेक जारी करें.
  5. पर्याप्‍त शेषराशि रखे बगैर चेक जारी न करें. बैंक द्वारा यथा निर्दिष्‍ट न्‍य ूनतम शेषराशि रखें.
  6. चेक और अन्‍य वित्‍तीय प्रपत्र, पंजीकृत डाक अथवा कुरियर से भेजें.
  7. बचत बैंक खाते से आहरण पर्ची से नकद निकालते समय अपने साथ पास बुक लाएं. पास बुक को समय-समय पर अद्यतन बनाएं.
  8. नामांकन सुविधा का इस्‍तेमाल करें.
  9. खाता संख्‍याओं, एफडीआर के ब्‍यौरे, लॉकर संख्‍याएं आदि अलग रूप से लिखकर रखें.
  10. पते, टेलीफोन संखा आदि में परिवर्तन होने पर शाखा को सूचित करें.
  11. मांग ड्राफ़्ट, मीयादी जमा रसीद, चेक के पन्‍ने, लॉकर की चाबी आदि खो जाने पर फौरन शाखा को सूचित करें.
  12. लेन-देन दोहराने के लिए स्‍थाई अनुदेश का फायदा उठाएं.
  13. हमारी सेवाओं के बारे में हमें जानकारी दें.
  14. वक्‍त पर ब्‍याज, क़िस्तें, लॉकर किराया और अन्‍य देयताएं अदा करें.
  15. अगर शाखा में पेश की जा रही हों तो एटीएम, ईसीएस, ईएफटी आदि जैसी सुविधाओं का फायदा उठाएं.
  16. सेवाओं में कमी के बारे में शाखा को सूचित करें.
  17. खाली चेक/कों पर हस्‍ताक्षर न करें. इसी तरह से, या तो पास बुक पर या चेक बुक पर अपना नमूना हस्‍ताक्षर न करें.
  18. खाता खुलवाते समय, किसी ऐसे व्‍यक्ति का परिचय न कराना जिसे आप वैयक्तिक रूप से न जानते हों.
 
ग्राहक बैंकर संबंध के सामान्‍य दायरे

बचत बैंक खाता गैर अदायगी सूचना की प्राप्ति के बगैर डुप्लिकेट मांग ड्राफ्ट जारी करना
चालू खाता  मांग ड्राफ़्ट जारी करने के लिए समय सीमा
सावधि जमा खाते नकदी आदेश (अर्थात् भुगतान आदेश, बैंकर का चेक)
मृत ग्राहक के खातों में शेषराशि का उत्‍तरजीवियों/दावेदारों को भुगतान करना वसूली सेवा  
स्‍u थाई अनुदेश सरकारी देयता की वसूली
सुरक्षित जमा लॉकर सरकारी क्षेत्र के बैंकों में गंदे/थोड़े से कटे-फटे मुद्रा नोटों की अदला-बदली
सुरक्षित अभिरक्षा में वस्‍तुएं जमाराशि पर ब्‍याज
नामांकन सेवा प्रभार 
पेंशन भुगतान (सिर्फ सरकारी क्षेत्र के बैंकों के लिए लागू) विभिन्‍न बैंकिंग लेन-देन के लिए समय मानदंड
प्रेषण सेवा शिकायतों का निवारण
बचत बैंक खाता

  • ये खाते, अलग-अलग व्‍यक्तियों(वैयक्तिक ग्राहक) की मदद करने के इरादे से बनाए गए हैं जिससे कि उनमें बचत करने की आदत बने और वे भविष्‍य में पैसे की जरूरत पूरी कर सकें. इन खातों से चेकों/आहरण पर्चियों के जरिए पैसे जमा किए जा सकेंगे/निकाले जा सकेंगे. इससे ग्राहक, ब्‍याज कमाने के अलावा घर न्‍य ूनतम रकम रख सकेंगे.
  • बचत बैक खाते बेहद लोकप्रिय हैं. ये खाते, पात्र व्‍यक्ति और कुछ संगठन/एजेंसियां (भारतीय रिजर्व बैंक [भा.रि.बैं] द्वारा यथा अनुमोदित) खोल सकेंगी.
  • कानून की अपेक्षा के मुताबिक, खाता खोलते समय, हम, खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों के पते के सत्‍यापन सहित उसकी पहचान के बारे में अपने आप तुष्टि करेंगे, संभावित ग्राहक/कों, आम लोगों और खुद को धोखाधड़ी तथा बैंकिंग प्रणाली का दूसरी तरह से दुरुपयोग से बचाने में मदद करेंगे.
  • बैंक की अपेक्षा है कि बैंक को स्‍वीकार्य व्‍यक्ति द्वारा खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों की संतोषजनक पहचान कराई जाए.
  • बैक को, भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशों के अनुसार, खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों के हाल में निकाले गए फोटो की दो प्रतियों की जरूरत पड़ती है.
  • बैंक को, आय कर अधिनियम(धारा 139ए) के अनुसार, स्‍थाई खाता संख्‍या(पैन) अथवा सामान्‍य सूचक रजिस्‍ट र (जीआईआर)संख्‍या अथवा वैकल्पिक रूप से फार्म सं. 60 अथवा 61 में घोषणा पत्र की जरूरत पड़ती है.
  • बैंक, संभावित ग्राहकों को, संतोषजनक पहचान कराने के अलावा खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों की पहचान के लिए जरूरी दस्‍तावेजों के ब्‍योरे भी देगा. आम तौर पर ऐसे दस्‍तावेज स्‍वीकार किए जाते हैं जैसे; वर्तमान गैस/टेलीफोन/बिजली का बिल अथवा राशन कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र अथवा ड्राइविंग लाइसेंस अथवा पासपोर्ट आदि.
  • खाता धारक को खाते में, बैंक द्वारा कंप्‍यूटरीकृत और गैर-कंप्‍यूटरीकृत शाखाओं के लिए अलग रूप से समय-समय पर यथा निर्दिष्‍ट और साथ ही इस आधार पर कि खाता धारक चेक बुक सुविधा चाहता है या नहीं, कुछ न्‍यूनतम शेषराशि रखनी होगी. इसका पालन न करने पर सेवा प्रभार देना पड़ेगा. महीने के 10वें और अंतिम दिन के बीच न्‍यूनतम शेषराशि के आधार पर इस समय अर्ध-वार्षिक आधार पर 3.50% प्र.व. की दर से ब्‍याज दिया जा रहा है बशर्ते कि वह कम से कम 1/-रु हो.
  • इस खाते से, सिर्फ खाता धारक/कों के नाम आहरित चेक, लाभांश वारंट वसूल किए जाएंगे. खाता धारक/कों के पक्ष में पृष्‍ठांकित वित्‍तीय प्रपत्रों की वसूली बचत बैंक खाते से नहीं की जाएगी.
चालू खाता

  • अलग-अलग व्‍यक्ति, साझेदारी फर्म, निजी और सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियां, हिन्‍दू अविभाजित परिवार/निर्दिष्‍ट संघ, सोसाइटी, न्‍यास आदि, चालू खाते खोल सकते हैं.
  • कानून की अपेक्षा के मुताबिक, खाता खोलते समय, हम, खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों के पते के सत्‍यापन सहित उसकी पहचान के बारे में अपने आप तुष्टि करेंगे, संभावित ग्राहक/कों, आम लोगों और खुद को धोखाधड़ी तथा बैंकिंग प्रणाली का दूसरी तरह से दुरुपयोग से बचाने में मदद करेंगे.
  • बैंक की अपेक्षा है कि बैंक को स्‍वीकार्य व्‍यक्ति द्वारा खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों की संतोषजनक पहचान कराई जाए.
  • बैंक को, आय कर अधिनियम(धारा 139ए) के अनुसार, स्‍थाई खाता संख्‍या(पैन) अथवा सामान्‍य सूचक रजिस्‍ट र (जीआईआर)संख्‍या अथवा वैकल्पिक रूप से फार्म सं. 60 अथवा 61 में घोषणा पत्र की जरूरत पड़ती है(अर्थात् पंजीकृत/अपंजीकृत साझेदारी फर्मों के साझेदारों और साथ ही पंजीकृत/निगमित निकायों/कंपनियों सहित).
  • बैंक, संभावित ग्राहकों को, संतोषजनक पहचान कराने के अलावा खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों की पहचान के लिए जरूरी दस्‍तावेजों के ब्‍योरे भी देगा. आम तौर पर ऐसे दस्‍तावेज स्‍वीकार किए जाते हैं जैसे वर्तमान गैस/टेलीफोन/बिजली का बिल अथवा राशन कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र अथवा ड्राइविंग लाइसेंस अथवा पासपोर्ट आदि.
  • समय-समय पर यथा अपेक्षित न्‍यूनतम शेषराशि रखनी होगी.
  • चालू खाते में रखी गई जमा शेषराशि पर ब्‍याज नहीं दिया जाता है.
  • इनके लिए सेवा प्रभार लिए जाते हैं :
    - उपयोग किया गया खाता बही फोलियो
    - जारी चेक बुक
    - न्‍यूनतम शेषराशि न रखने पर
    - चेक लौटाए जाने पर आदि
  • निष्‍पादकों, प्रशासकों, न्‍यासियों, परिसमापकों आदि के मामले में विशेष किस्‍म के चालू खाते खोलने के लिए शाखा प्रबंधक से संपर्क किया जाए जो इस तरह के खोलने में मदद करेगा.
  • भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशों के अनुसार, आवेदक (अर्थात् खाता खोलनेवाले को) को खाता खोलने के फार्म में अथवा अलग रूप से घोषणा करनी होगी कि उसे किसी बैंक से कोई ऋण सुविधा नहीं मिल रही है और अगर वह उसे ऐसी सुविधा/एं मिल रही हो तो उस शाखा का नाम, जिससे उसने ऐसी सुविधाएं ली हो, सूचित करते हुए उसके संपूर्ण विवरण घोषित करने होंगे.
सावधि जमा खाते

बैंक ने, निवेश करनेवाले हर वर्ग के लोगों की ज़रूरतों और अपेक्षाओं के अनुरूप विभिन्‍न जमा योजनाएं बनाई हैं.

अधिक जानकारी के लिए शाखा कर्मचारियों से भेंट करें जो आपकी अपेक्षा को देखकर विभिन्‍न जमा योजनाओं में निवेश करने में आपकी मदद करेंगे.

अलग-अलग व्‍यक्ति, साझेदारी फर्म, निजी और सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियां, हिन्‍दू अविभाजित परिवार/निर्दिष्‍ट संघ, सोसाइटी, न्‍यास आदि, सावधि जमा खाते खोल सकते हैं.
  • कानून की अपेक्षा के मुताबिक, खाता खोलते समय, हम, खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों के पते के सत्‍यापन सहित उसकी पहचान के बारे में अपने आप तुष्टि करेंगे, संभावित ग्राहक/कों, आम लोगों और खुद को धोखाधड़ी तथा बैंकिंग प्रणाली का दूसरी तरह से दुरुपयोग से बचाने में मदद करेंगे.
  • बैंक की अपेक्षा है कि बैंक को स्‍वीकार्य व्‍यक्ति द्वारा खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों की संतोषजनक पहचान कराई जाए.
  • बैक को, भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशों के अनुसार, खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों के हाल में निकाले गए फोटो की दो प्रतियों की जरूरत पड़ती है.
  • बैंक को, आय कर अधिनियम(धारा 139ए) के अनुसार, स्‍थाई खाता संख्‍या(पैन) अथवा सामान्‍य सूचक रजिस्‍ट र (जीआईआर)संख्‍या अथवा वैकल्पिक रूप से फार्म सं. 60 अथवा 61 में घोषणा पत्र की जरूरत पड़ती है.
  • बैंक, संभावित ग्राहकों को, संतोषजनक पहचान कराने के अलावा खाता खोलनेवाले व्‍यक्ति/यों की पहचान के लिए जरूरी दस्‍तावेजों के ब्‍योरे भी देगा. आम तौर पर ऐसे दस्‍तावेज स्‍वीकार किए जाते हैं जैसे; वर्तमान गैस/टेलीफोन/बिजली का बिल अथवा राशन कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र अथवा ड्राइविंग लाइसेंस अथवा पासपोर्ट आदि.
  • जब तक अन्‍यथा निर्दिष्‍ट न किया गया हो, जिस समय तक जमाराशि रखी गई हो उस अवधि के लिए लागू ब्‍य ाज दर से अथवा ठेका दर से, जो भी कम हो, समय से पहले आहरण किया जा सकेगा, परंतु अगर बैंक ने कोई दंड निर्धारित किया हो तो देना पड़ेगा. 15 दिन से कम समय तक बैंक में रखी गई जमाराशि का समय पूर्व आहरण करने पर कोई ब्‍याज नहीं दिया जाएगा.
  • जमा-प्रमाणपत्र (सीडी) को छोड़कर बाकी के मामलों में जमाराशियों के प्रति सामान्‍यत: ऋण/ओवरड्राफ्ट दिया जाता है. ऐसे ऋण मंजूर करने से पहले, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर निदेशित अथवा बैंक द्वारा यथा निर्धारित दर से ब्‍याज तय किया जाता है.
  • दरख्‍वास्‍त करने पर बैंक द्वारा नियत तारीख को जमाराशि का नवीकरण किया जाता है. अच्‍छी ग्राहक सेवा के उपाय के तौर पर, बैंक, परिपक्‍वता तारीख के बारे में जमाकर्ता को पहले से ही सूचित कर सकता है.
  • किसी निर्दिष्‍ट जमा योजना के तहत जमाराशि पर ब्‍याज या तो महीने में एक बार बट्टागत मूल्‍य पर अथवा तिमाही रूप से अथवा चक्रवर्धित कर तिमाही रूप से (अर्थात्; निवेश का पुनर्निवेश) अथवा जमाकर्ता की इच्‍छानुसार परिपक्‍वता तारीख को दिया जाता है.
  • बैंक, समय-समय पर जो तय करे उसके मुताबिक जमाराशि का नवीकरण होने पर अतिदेय जमाराशि पर ब्‍याज दिया जाता है.
  • बैंक जमाराशियों पर मिले ब्‍याज के लिए आय कर प्राधिकारियों द्वारा समय-समय पर निर्दिष्‍ट सीमा तक आय कर से छूट मिलती है.
  • अगर जमाराशियों पर कुल ब्‍याज, प्रति जमाकर्ता, प्रति शाखा, प्रति वित्‍तीय वर्ष, 10,000/- रु. से अधिक हो तो, उससे, आय कर प्राधिकारियों द्वारा निर्दिष्‍ट दर से स्रोत पर कर की कटौती(टीडीएस) की जाएगी.
  • बेहतर होगा कि जमाकर्ता, कर काटे बगैर जमाराशियों पर ब्‍याज पाने के लिए वित्‍तीय वर्ष के प्रारंभ में ही फार्म सं. 15एच में घोषणा पत्र प्रस्‍तुत करे.
  • बैंक, काटे गए कर के लिए टीडीएस प्रमाणपत्र जारी करेगा.
मृत ग्राहकों के खातों में उपलब्‍ध शेषराशि, उत्‍तरजीवियों/दावेदारों का अदा करना

भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशों के मुताबिक, बैंक, चाहे रकम कितनी भी हो, कानूनी वारिसों से उत्‍तराधिकार प्रमाणपत्र पेश करने पर आग्रह नहीं करेंगे. लेकिन, बैंक, दावे निपटाते समय क्षतिपूर्ति बांड सहित ऐसे रक्षोपाय कर सकता है जो उचित समझे जाएं.
स्‍थाई अनुदेश

एक ही शाखा में, बैंक की किसी दूसरी शाखा में अथवा किसी दूसरे बैंक में अथवा किसी अन्‍य पक्षकार के पास रखे गए एक खाते से दूसरे खाते में निधि का अंतरण/प्रेषण करने के लिए बैंक को स्‍थ ाई अनुदेश दिए जा सकते हैं.
सुरक्षित जमा लॉकर

सुरक्षित जमा लॉकर की सुविधा, बैंक की एक सहायक सेवा है.
यह सुविधा पेश करनेवाली बैंक की शाखाएं, यह जानकारी सूचित/प्रदर्शित करेंगी.
इस सेवा से संबंधित खास पहलू इस प्रकार हैं:
  • अलग-अलग व्‍यक्ति( न कि नाबालिग),फर्म, लिमिटेड कंपनियां, निर्दिष्‍ट संघ और सोसाइटी आदि, लॉकर, किराए पर ले सकते हैं.
  • सुरक्षित जमा लॉकर के अकेले किराएदार के लिए नामांकन सुविधा उपलब्‍ध है.
  • चाबी खो जाने पर फौरन शाखा को सूचित किया जाए.
  • लॉकर, अलग-अलग आकारों में मिलते हैं.
  • लॉकर, न्‍यूनतम एक वर्ष तक किराए पर दिए जाते हैं. किराया पेशगी में देना पड़ेगा. अतिदेय किराए के मामले में, बैंक, समय-समय पर तय किए गए मुताबिक दंड लगाएगा.
  • स्‍थाई अनुदेश के साथ, किराया, किराएदार के जमा खाते से अदा किया जा सकेगा.
  • बैंक, ठीक तरह से परिचय कराए गए व्‍यक्तियों को ही लॉकर किराए गए देगा.
  • बैंक नियमों के अनुसार नोटिस देने के बावजूद किराया अदा न करने पर लॉकर तोडकर उसके प्रभार वसूलने का बैंक का अधिकार सुरक्षित है.
सुरक्षित अभिरक्षा में वस्‍तुएं

जहां कहीं ऐसी सुविधा पेश की गई हो, शेयर, प्रतिभूतियां आदि जैसी वस्‍तुएं, निर्धारित प्रभार देकर बैंक की सुरक्षित अभिरक्षा में रखी जा सकती हैं. ग्राहक(कों) को बड़े/छोटे बक्‍से पर ताला लगाकर उस पर विवरण लिखने/पोतने होंगे. ताले को मजबूत कपड़े से लिपटकर उसे ग्राहक की मुहर से सील बंद करना होगा. इस मामले में, बैंकर और ग्राहक का संबंध, अमानत रखनेवाले और अमानतदार की तरह होगा.
नामांकन

सभी जमा खातों, सुरक्षित अभिरक्षा में तथा सुरक्षित जमा कक्ष में रखी गईं वस्‍तुओं के लिए नामांकन सुविधा उपलब्‍ध है.

सिर्फ वैयक्तिक हैसियत से (अर्थात्; एकल/संयुक्‍त खाते और एकमात्र स्‍वाम्‍य प्रतिष्‍ठान के खाते) खोले गए, न कि प्रतिनिधि की हैसियत से खोले गए खातों के लिए नामांकन सुविधा उपलब्‍ध है.

नामांकन, एक ही व्‍यक्ति के पक्ष में किया जा सकेगा. लेकिन एक से अधिक व्‍यक्तियों (अर्थात्; अधिकतम 2 व्‍यक्ति)के पक्ष में नामांकन, साझा सहमति से संयुक्‍त रूप से चलाए गए लॉकर खातों में किया जा सकेगा.

खाता धारक, अपनी जीवित अवधि में किसी भी समय नामांकन कर सकता है, नामांकन रद्द कर सकता है या बदल सकता है. नामांकन करते समय, रद्द करते अथवा बदलते समय, गवाह की जरूरत होगी और दरख्‍वास्‍त पर सभी खाता धारकों के हस्‍ताक्षर होने चाहिए.

नामांकन, नाबालिग के नाम भी किया जा सकेगा.

मौजूदा खातों के मामले में, जहां नामांकन न किया गया हो, खाता धारक, शाखाओं में उपलब्‍ध फार्म भरकर ऐसा कर सकेगा/सकेंगे.

ग्राहकों (नए और मौजूदा)को सलाह दी जाती है कि अगर उन्‍होंने नामांकन सुविधा का अब तक फायदा न उठाया हो तो जल्‍द ही नामांकन करें.
पेंशन भुगतान (सिर्फ सरकारी क्षेत्र के बैंकों के लिए लागू)

  • केंद्र और राज्‍य सरकार के पेंशनर, हमारी किसी भी शाखा में अलग पेंशन खाता खोल सकते हैं.
  • पेंशनरों से अनुरोध है कि वे, वर्ष में एक बार(अर्थात्; नवंबर महीने में) जीवित होने का प्रमाणपत्र पेश करें जिससे कि शाखाएं अबाध रूप से पेंशन अदा कर सकें.
  • महीने के अंतिम चार कार्य दिवस के दौरान, शाखा द्वारा पेंशनर बचत अथवा चालू खाते में पेंशन जमा किया जाएगा. मार्च महीने का पेंशन, अप्रैल के पहले कार्य दिवस या उसके बाद जमा किया जाएगा. पेंशन, नकद में अथवा संयुक्‍त खाते में अदा नहीं किया जाएगा. हर एक पेंशनर को, आवधिक रूप से जीवित होने का/विवाह/पुनर्विवाह/बेरोजगार प्रमाणपत्र पेश करना होगा.
प्रेषण सेवा

ग्राहक, बैंक के नियमों के अनुसार निर्दिष्‍ट प्रभार देकर एक केंद्र से दूसरे केंद्र में मांग ड्राफ्ट अथवा तार अंतरण (टीटी) आदि से निधि का प्रेषण कर सकेंगे.

ग्राहक, दोनों तरफ से, कोलकाता, चेन्‍नै और मुंबई में 5 लाख रु. तक निधि का अंतरण करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के जरिए चलाई गई इलेक्‍ट्रॉनिक निधि अंतरण (ईएफटी) पद्धति का उपयोग कर सकते हैं.

50,000/-रु. और उससे अधिक रकम के मांग ड्राफ्ट, तार अंतरण और यात्री चेक, ग्राहक के खाते में नामे डालने के बाद ही अथवा खरीदार द्वारा पेश किए गए चेकों अथवा दूसरे प्रपत्रों के आधार पर ही, न कि नकद भुगतान के प्रति जारी किए जाएंगे. इसी प्रकार, 50,000/-रु. और उससे अधिक रकम के ऐसे भुगतान, बैंकिंग माध्‍यम से न कि नकद से किए जाएंगे.
गैर अदायगी सूचना प्राप्‍त किए बगैर डुप्लिकेट मांग ड्राफ्ट जारी करना

भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशों के मुताबिक, बैंक, अदाकर्ता शाखा से गैर-अदायगी सूचना प्राप्‍त किए बगैर पर्याप्‍त क्षतिपूर्ति के आधार पर 5000 रु. तक के डुप्लिकेट मांग ड्राफ्ट जारी कर सकते हैं.
मांग ड्राफ्ट जारी करने के लिए समय सीमा

भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशों के मुताबिक, बैंक, दरख्‍वास्‍त मिले पखवाड़े के अंदर ग्राहक को डुप्लिकेट मांग ड्राफ्ट जारी करेंगे.

डुप्लिकेट मांग ड्राफ्ट जारी करने में निर्दिष्‍ट अवधि से ज्‍यादा विलंब होने पर, इस तरह के विलंब के लिए ग्राहक को मुआवजा देने की दृष्टि से, बैंक, तदनुरूपी परिपक्‍वता अवधि की मीयादी जमाराशि के लिए लागू दर से ब्‍याज देगा.
नकदी आदेश (अर्थात्; भुगतान आदेश, बैंकर का चेक)

स्‍