विजया बैंक के बारे में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005
के तहत यथा अपेक्षित जानकारी
अधिनिमय के प्रावधानों के तहत, हर एक सार्वजनिक प्राधिकार को, ग्राहकों के सूचनार्थ अपने संगठन के
बारे में जानकारी प्रकाशित करनी होगी. तदनुसार, ग्राहकों के सूचनार्थ और उपयोगार्थ बैंक के बारे में
नीचे उल्लिखित जानकारी दी गई है.
मद सं.
प्रावधान
ब्यौरे
4.1 बी
संगठन, कामकाज और कर्तव्य के विवरण
विजया बैंक, एक राष्ट्रीयकृत अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक है. बैंक ने, चालू वर्ष के दौरान अपना अमृत
महोत्सव मनाया क्योंकि 1931 में बैंक की नींव डाली गई थी. बैंककारी कंपनी (उपक्रमों का अर्जन और
अंतरण) अधिनियम, 1980 और राष्ट्रीयकृत बैंक(प्रबंधन और विविध प्रावधान)योजना, 1980 के तहत 15.04.1980
को बैंक का राष्ट्रीयकरण हुआ. बैंक, बैंकिंग विनियम अधिनियम, 1949 के अधीन भी आता है और उक्त अधिनियम
की धारा 6 के तहत पूरी तरह से यथा परिभाषित विभिन्न कारोबार चलाता है. इस समय, बैंक की इक्विटी में
भारत सरकार का अंश 53.87% है. बैंक के निदेशक मंडल मंडल में इस समय 10 निदेशक हैं जिसमें 2 कार्यपालक
और 8 गैर-कार्यपालक निदेशक हैं जिनको विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव है. निदेशक मंडल के विवरण, नीचे दी
गई तालिका 1 में दिए गए हैं.
तालिका 1
क्रम सं..
निदेशक का नाम
पदनाम
निदेशक पद का स्वरूप
1
श्री.
अलबर्ट तावरो
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक
कार्यपालक
2
श्री जी. बी. सिंग
नामिति-भारत सरकार
गैर-कार्यपालक
3
श्री के.वेंकटप्पा
नामिति-भारतीय रिजर्वबैंक
गैर-कार्यपालक
4
श्री पी.शांताराम शेट्टी
कामगार निदेशक
गैर-कार्यपालक
5
श्री अशोक कुमार शेट्टी
नामिति-शेयर धारक
गैर-कार्यपालक
6
श्री अशोक कुमार
नामिति-शेयर धारक
गैर-कार्यपालक
7
श्री ब्रज मोहन शर्मा
गैर सरकारी निदेशक (लेखाकार श्रेणी के तहत)
गैर-कार्यपालक
8
श्री निशांक कुमार जैन
गैर-सरकारी निदेशक
गैर-कार्यपालक
9
श्री
श्रीधर चेनुकुरी
गैर
सरकारी निदेशक
गैर-कार्यपालक
10
श्रीएस्.अनंतन
शेयरधारकनिदेशक
गैर-कार्यपालक
संगठनात्मक ढांचा
बैंक के संगठनात्मक ढांचे में तीन चरण है अर्थात्; प्रधान कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय और
शाखाएं. बैंक का प्रधान कार्यालय, बेंगलूर में है(41/2, एम.जी.रोड, बेंगलूर 560 001, फोन नं.
080-25584066, फैक्स 080-25598040, ई-मेल - vijbank@vsnl.com, वेबसाईट : www.vijayabank.com). अपने
क्षेत्राधीन शाखाओं का पर्यवेक्षण करने और उन पर नियंत्रण रखने के लिए बैंक ने 17 क्षेत्रीय कार्यालय
भी स्थापित किए हैं. सभी क्षेत्रीय कार्यालय, अनुभवी क्षेत्रीय प्रबंधक संभालते हैं जो वरिष्ठ/शीर्ष
प्रबंध श्रेणी के हैं. आगे, केंद्रीय निरीक्षण विभाग के बढाए गए स्कंध के रूप में, बैंक ने 9
क्षेत्रीय निरीक्षणालय भी स्थापित किए हैं.
प्रधान कार्यालय का संगठनात्मक ढांचा
प्रधान कार्यालय में कार्यात्मक विभाग हैं जो नीति बनाते हैं और क्षेत्रों के निष्पादन पर
निगरानी रखते हैं.
क्षेत्रीय कार्यालय का संगठनातमक ढांचा
अपने क्षेत्राधीन शाखाओं का पर्यवेक्षण करने और उन पर नियंत्रण रखने के लिए बैंक ने 17 क्षेत्रीय
कार्यालय भी स्थापित किए हैं. ये क्षेत्रीय कार्यालय, प्रधान कार्यालय के विभिन्न कार्यात्मक
विभागों को रिपोर्ट करते हैं. विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों का क्षेत्राधिकार इस तालिका में दिया गया
है:
क्रम सं.
क्षेत्र
क्षेत्राधिकार
कुल शाखाएं (30.09.2005 को)
1
अहमदाबाद
गुजरात राज्य में सभी शाखाएं
38
2
बेंगलूर
कर्नाटक राज्य के बेंगलूर (शहरी) और बेंगलूर (ग्रामीण), कोलार और तुमकूर जिलों की सभी
शाखाएं और तमिलनाडू राज्य में होसूर
91
3
चंडीगढ़
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू व कश्मीर, उत्तरांचल और हिमाचल प्रदेश राज्यों में
सभी शाखाएं
36
4
चेन्नै
होसूर शाखा को छोडकर तमिलनाडू राज्य में तथा संघ शासित प्रदेश, पांडीचेरी तथा अंडमान
निकोबल में सभी शाखाएं
55
5
दिल्ली
दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश में सभी शाखाएं
56
6
गुवाहाटी
उत्तर पूर्वी राज्यों अर्थात्; त्रिपुरा, मिज़ोरम, असम, अनफणालय प्रदेश, नागालैंड,
मेघालय, मणिपुर में सभी सभी शाखाएं
21
7
हुब्लि
कर्नाटक राज्य के गदग, बिजापुर, धारवाड़, बेलगांव, बीदर, गुलबर्गा, रायचूर, बागलकोट,
बेल्लारी, हावेरी, हुब्लि और कोप्पल ज़िलों में सभी शाखाएं
65
8
हैदराबाद
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर, कड़पा, हैदराबाद, करीमनगर, खम्मम, कर्नूल, मेहबूबनगर,
निज़ामाबाद, रंगारेड्डी और वारंगल ज़िलों में सभी शाखाएं
43
9
कोच्ची
कासरगोड ज़िले को छोड़कर केरल में सभी शाखाएं
59
10
कोलकाता
छत्तीसगढ़, जारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार, सिक्किम में सभी शाखाएं
43
11
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में सभी शाखाएं
34
12
मंगलूर
कर्नाटक राज्य के मंगलूर ज़िले में सभी शाखाएं और केरल राज्य के कासरगोड ज़िले़ में
शाखाएं
76
13
मुंबई
महाराष्ट्र और गोवा राज्य में सभी शाखाएं
74
14
मैसूर
कर्नाटक राज्य के मैसूर, मंड्या और कूर्ग ज़िलों में सभी शाखाएं
72
15
शिमोगा
कर्नाटक राज्य के शिमोगा, चित्रदुर्गा, दावणगेरे, हासन, चिक्कमगलूर ज़िलों में सभी
शाखाएं
54
16
उडुपि
कर्नाटक राज्य के उडुपि और उत्तर कन्नडा ज़िलों में सभी शाखाएं
56
17
विजयवाडा
आंध्र प्रदेश राज्य के कृष्णा, नेल्लूर,चित्तूर, पूर्व गोदावरी, गुंटूर, कृष्णा,
नेल्लूर, प्रकासम, श्रीकाकुलम, विशाखपट्टणम, विजि़यनगरम और पश्चिम गोदावरी ज़िलों में सभी शाखाएं
39
कुल
972
क्षेत्रीय निरीक्षणालय
प्रधान कार्यालय के केंद्रीय निरीक्षण विभाग के बढाए गए स्कंधों के रूप में, बैंक ने 9 क्षेत्रीय
निरीक्षणालय स्थापित किए हैं:
क्रम सं.
क्षेत्रीय निरीक्षणालय
क्षेत्र (30.09.2005 को)
1
दिल्ली
दिल्ली
चंडीगढ़
लखनऊ
2
मुंबई
अहमदाबाद
मुंबई
3
हुब्लि
हुब्लि
शिमोगा
4
हैदराबाद
हैदराबाद
विजयवाडा
5
कोलकाता
कोलकाता
गुवाहाटी
6
मंगलूर
मंगलूर
उडुपि
7
मैसूर
मैसूर
8
चेन्नै
चेन्नै
कोच्ची
9
बेंगलूर
बेंगलूर
करेंसी चेस्ट
इष्टतम नकदी प्रबंधन करने में शाखाओं की मदद करने की दृष्टि से, बैंक ने 19 करेंसी चेस्ट स्थ
ापित किए हैं:
क्रम सं.
करेंसी चेस्ट (30.09.2005 को)
क्रम सं.
करेंसी चेस्ट (30.09.2005 को)
1
दिल्ली
11
मैसूर
2
मंबई
12
मंगलूर
3
बेंगलूर
13
तिरुपति
4
हैदराबाद
14
कोलकाता
5
लखनऊ
15
कुंडोट्टी
6
कोयंबत्तूर
16
शिमोगा
7
पटना
17
उडुपि
8
हुब्लि
18
अहमदाबाद
9
विजयवाडा
19
तिरुवल्ला
10
चेन्नै
शोधन शाखाएं
क्षेत्र स्तर पर शाखाओं के अलावा, बैंक ने 10 शोधन शाखाएं खाली हैं, जो इन केंद्रों में शाखाओं पर
आहरित प्रपत्रों की वसूली से संबंधित कामकाज और समाशोधन कार्य संभालती हैं.
क्रम सं.
करेंसी चेस्ट (30.09.2005 को)
क्रम सं.
करेंसी चेस्ट (30.09.2005 को)
1
दिल्ली
6
हैदराबाद
2
बेंगलूर
7
मंगलूर
3
कोलकाता
8
अहमदाबाद
4
चेन्नै
9
लखनऊ
5
मंबई
10
मैसूर
शाखाएं
बैंक ने 912 शाखाएं खोली हैं (30 सितंबर 2005 तक की स्थिति)
क्रम सं.
राज्य
शाखाएं (30.9.2005 को )
महानगरीय
नगरीय
अर्ध-नगरीय
ग्रामीण
कुल
1
अंदमान व निकोबार
0
0
1
0
1
2
आंध्र प्रदेश
17
30
18
17
82
3
अरुणाचल
0
0
1
1
2
4
असम
0
6
4
0
10
5
बिहार
0
5
0
0
5
शाखा जाल का राज्य-वार वितरण इस तालिका में दिया गया है:
6
चंडीगढ़
0
2
1
0
3
7
छत्तीसगढ़
0
1
0
0
1
8
दिल्ली
30
0
0
0
30
9
गोवा
0
0
5
0
5
10
गुजरात
16
13
6
3
38
11
हरियाणा
1
7
5
0
13
12
हिमाचल प्रदेश
0
0
1
0
1
क्रम सं.
राज्य
शाखाएं (30.9.2005 को )
महानगरीय
नगरीय
अर्ध-नगरीय
ग्रामीण
कुल
13
जम्मू व कश्मीर
0
2
0
0
2
14
झारखंड
0
4
0
0
4
15
कर्नाटक
52
51
81
217
401
16
केरल
0
17
48
6
71
17
मध्य प्रदेश
3
3
0
0
6
18
महाराष्ट्र
38
21
7
3
69
19
मणिपुर
0
1
0
1
2
20
मेघालय
0
1
1
0
2
21
मिज़ोरम
0
1
0
0
1
22
नागालैंड
0
0
2
1
3
23
उड़ीसा
0
6
1
0
7
24
पांडीचेरी
0
1
0
0
1
25
पंजाब
1
7
6
0
14
26
राजस्थान
3
10
0
2
15
27
सिक्किम
0
0
1
0
1
28
तमिलनाडू
21
19
10
4
54
29
त्रिपुरा
0
1
0
0
1
30
उत्तर प्रदेश
10
27
1
1
39
31
उत्तरांचल
0
2
1
0
3
32
पश्चिम बंगाल
16
5
2
2
25
कुल
208
243
203
258
912
पता, संपर्क संख्याओं के साथ शाखाओं की सूची बैंक के वेबसाईट में (www.vijayabank.com) दी गई है.
मद सं.
प्रावधान
ब्यौरे
4.1 बी (ii)
अधिकारी कर्मचारियों के अधिकार और कर्तव्य
बैंक के अधिकारियों को, बैंककारी विनियम अधिनियम, 1949 की धारा 6 के तहत यथा परिभाषित
बैंक का कारोबार चलाने की दृष्टि से अपना कामकाज करने का अधिकार दिया गया है. कुछ अधिकार इस प्रकार
हैं:
1. अपने हाथ आए सारे और कितने भी पैसे हो प्राप्त करना और हस्ताक्षर कर रसीद देना और दायित्व
मुक्त करना.
2. बैंक के निदेशक मंडल द्वारा समय-समय पर निर्धारित किए जानेवाले नियमों और शर्तों पर जमाराशि
प्राप्त करना और अदा करना और इस तरह से प्राप्त और अदा की गई जमाराशि के बारे में हस्ताक्षर कर रसीद
एवं पास बुक जारी करना और साथ ही बैंक के निदेशक मंडल द्वारा समय- समय पर अथवा किसी मामले में विशेष
रूप से तय और निर्धारित की गईं दरों के अनुसार मीयादी और अन्य जमाराशियों पर ब्याज अदा करना.
3. भारत में और भारत के बाहर बैंकों, बैंकरों और दूसरों के पास बैंक के पक्ष में और बैंक के नाम
खाले खोलना, चलाना और बंद करना और ऐसे खाते या खातों में अति आहरण करना और ऐसे सभी प्रयोजनों के लिए उस
तरीके से जो उसे आवश्यक या उचित लगे, चेक, रसीदें और दायित्व मुक्ति प्रमाणपत्र अथवा दूसरे प्रपत्र
बनाना और उन पर हस्ताक्षर करना और आवधिक रूप से, बैंक तथा किसी दूसरे व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के
बीच लंबित किसी भी प्रकार के खातों की पड़ताल करना, उनको निपटाना और समायोजित करना.
मद सं.
प्रावधान
ब्यौरे
4. बैंक के पैसे निविष्ट करना अथवा सरकारी प्रतिभूतियों, न्यासी प्रतिभूतियों, किसी सार्वजनिक
निकाय अथवा स्थानीय प्राधिकरण के डिबेंचरों अथवा शेयरों में ग्राहकों को भुगतान करना और कारोबार के
दौरान ग्राहकों को अग्रिम देना.
5. कारोबार के दौरान अन्य पक्षकार के साथ किए गए किसी ठेके अथवा अन्य पक्षकार के प्रति किसी दूसरी
देयता से उत्पन्न बाध्यता के लिए बैंक के सी ग्राहक को गारंटी देना.
6. किसी राज्य सरकार अथवा स्थानीय प्राधिकरण, नगर पालिका, चाहे निगमित हो या न हो, के वचन पत्रों,
नोटों, ऋणों, स्टॉक, बांडों अथवा बाध्यताओं पर तथा रेलवे, बैंक अथवा संयुक्त मिश्रित पूंजी की दूसरी
कंपनी अथवा सह-साझेदारी फर्मों के शेयरों, स्टॉक और डिबेंचरों, स्टॉक(चाहे शाश्वत हो या अन्यथा)
अथवा अन्य प्रतिभूतियों और हर तरह के निवेश पर ब्याज और लाभांश वसूल करना तथा पेंशन, वेतन, किराया
अथवा अन्य आय प्राप्त करना.
7. बैंक के नाम रखी गईं सरकारी प्रतिभूतियों, न्यासी प्रतिभूतियों अथवा अन्य अनुमोदित
प्रतिभूतियों में से किसी को गिरवी, बंधक रखना, पृष्ठांकित करना, बेचना, खाते में बदलना अथवा अन्यथा
निपटाना और ऐसे सारे कार्य करना जो, उधार लेने अथवा पैसे जुटाने या लेने सहित उक्त कार्य पूरा करने के
लिए प्रासंगिक अथवा अनुकूल हो.