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विजया बैंक स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई.)
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उद्देश
प्रशिक्षण कार्यक्रम के
प्रकार
प्रशिक्षण का आवरण
संकाय सहायता
पशिक्षण
कार्य-प्रणाली
संरक्षण सेवाएँ
संस्थागत संरचना
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संघठित एवं असंघठित क्षेत्रों में रोजगार की काफी अवसर अनुपलब्धता
राष्ट् द्वारा सामना किए गए एक गंभीर चुनौती हैं. ग्रामीण युवशक्ति के बेरोजगारी विशेषतः जिसने गरीबी
रेखा के नीचे हैं को दूर करने हेतु स्वरोजगार की आवश्यकता को पहचानते हुए प्रोत्साहन देने हेतु एवं
उनके लिए वर्तमान तकनीकों की जानकारी देते हुए उनके कौशल के आवधिक उन्नयन करने हेतु कर्नाटक सरकार ने
ग्रामीण विकास एवं स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (आर्.यू.डी.एस्.ई.टी.आई. प्रकार के संस्थानों) की
स्थापना हेतु वाणिज्या बैंकों के साथ मामला उठाया हैं.
तदनुसार, विजया बैंक पे मण्ड्या में वर्ष 1999 में विजया बैंक स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान
(वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई.) की स्थापना की.
संस्थान ने जनवरी 2000 से कार्य आरंभ किया और युवशक्ति को लाभदायक स्व-रोजगार कार्य आरंभ करने
हेतु आवश्यक कौशल प्रदान करने एवं ज्ञान सृजन करने के लिए मण्ड्या जिला में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
कर रहा हैं. मण्ड्या जिला में वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई. सफलता का प्रेरणा पाकर दूसरी संस्थान को हावेरी में
वर्ष 2003 में स्थापना की गई. वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई. मण्ड्या ने अपने ही भवन में कार्य कर रहा हैं,
वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई. हावेरी ने किराए पर लिए गए भवन में कार्य कर रहा हैं और वह अपने ही भवन की
प्रतिस्थापना के प्रक्रिया में हैं.
उद्देश
• बेरोजगार युवशक्ति को उनके द्वारा विभिन्न स्व-रोजगार कार्य करने/उठाने हेतु उनको पहचानना,
प्रशिक्षण द्वारा प्रेरित करना सलाह परामर्श देना एवं सहायता करना
• युवशक्ति को ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने, ग्रामीण विकास परियोजनाओं आदि के लिए योग्य
बनाने के लिए प्रशिक्षित करना.
• प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजित करने
• सलाह-परामर्श, विशेष मार्गदर्शन एवं परियोजना निश्चित रूप देना
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रकार
वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई. ने विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम, उत्पाद विकास कार्यक्रम, ज्ञान विकास
कार्यक्रम, अनुभूतिक कार्यक्रम आदि कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा हैं जो अल्पावधी कार्यक्रम हैं जो 1 से
लेकर 5 हफ्तों तक चलती हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रमों को इस प्रकार निर्माण किया जाता हैं कि जो
स्व-प्रेरणा एवं उद्यमकर्ता विकास और तकनीकी कौशल का विकास करने में तथा प्रशिक्षणार्थियों को
सूक्ष्म-उद्यम स्वयं या समूह में आरंभ करने हेतु तैयार करता हैं.
सविस्तार में प्रशिक्षण ने निम्नलिखित का आवरण करता
हैं –
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कृषि कार्यक्रम - कृषि एवं उससे संबंधित क्रियाकलाप जैसे कि
डेरी-उद्योग, कुक्कुटपालन, मधुमक्खी पालन, बागबानी, रेशिम-उद्यम, कुकुरमुक्ता कृषि, पुष्पोत्पादन,
मत्सपालन, आदि
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उत्पाद कार्यक्रम - पोषाक वत्र कला रेक्सिन उपयोग से वस्तुओं को तैयार
करना, अगरबत्ती तैयार करना, फुटबाल तैयार करना, बैग, बेकरी पदार्थ तैयार करना, पत्ते का कप बनाना,
पुर्नउपयोग कागर तैयार करना, आदि
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प्रक्रिया कार्यक्रम - दो पहिये वाहनों का रिपेर, रोडियो/टीवी रिपेर,
मोटार का रिवाइंडिंग करना, इलेट्क्रिल ट्साफारमार रिपेर करना, कृषि पंप सेट रिपेर करना, ट्क्टॉर एवं
पावर टिलर रिपेर करना, सेल फोन रिपेर करना, ब्यूटीशियन कार्यक्रम, फोटोग्रफी एवं वीडियोग्रफी, क्रीन
प्रिंटिंग, फोटो लॉमिनेशन, घरेलू इलेट्कि वस्तुओं का रिपेर करना, कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं डी.टी.पी.,
आदि
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सामान्य कार्यक्रम - महिलाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, आदि
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अन्य कार्यक्रम - क्षेत्र से संबंधित जैसे कि चर्म उद्योग, निर्माण
उद्योग, मेजबानी एवं अन्य कोई क्षेत्र जिसके स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किया जाता
हैं
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उपरोक्त के अलावा, संस्थाओं ने स्व-सहाय समूहों के सदस्यों को स्व-सहायक
समूहों के प्रबन्धन एवं समूह कार्य के कौशल वृ+िद्ध हेतु विकास कार्यक्रमों का आयोजन करता हैं. उपरोक्त
के अलावा कृषिकों को विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता हैं. जेल के निवासियों को प्रेरणा एवं
उनके मनोवृत्ति को बदलने एवं उद्यम गुणों का विकास हेतु पृथक प्रेरणा एवं अनोखा कार्यक्रमों का आयोजन
किया जाता हैं.
संकाय सहायता
आर्.यू.डी.एस्.ई.टी.आई. उजिरे द्वारा आयोजित प्रशिक्षक-प्रशिक्षण कार्यक्रम में दोनों संस्थाओं
के निदेशक एवं संयुक्त निदेशक सहभाग लिए हैं और वे प्रशिक्षणार्थियों को प्रंशिक्षण कक्षाएँ चलाते हैं.
इसके अलावा अनुभवी आंतरिक संकाय भी वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई. को संकाय सहायता अनुभवी व्यक्तियाँ जो विभिन्न
क्षेत्रों में एवं वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई. द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त उद्यमों के उद्यमकर्ताओं की संकाय
सहायता उपलब्ध कारया जाता हैं.
पशिक्षण कार्य-प्रणाली
प्रशिक्षण कार्य प्रणाली में भाषण, प्रवित्ति क्रिडा, प्रेरणा प्रशिक्षण प्राप्ती, सूक्ष्म
प्रयोगालय, प्रदर्शन, कार्यक्षेत्र दौरा, सफल प्रशिक्षणार्थियों द्वारा अनुभवों का संवितरण समूह चर्चा,
प्रत्यक्ष एवं शब्द-दृश्य ग्रहण सत्र आदि द्वारा आयोजन किया जाता हैं.
संरक्षण सेवाएँ
संस्था द्वारा प्रशिक्षणार्थियों का समय समय पर उचित अनुवर्तत कार्य किया जाता हैं कि प्रशिक्षण
के बाद वे अपने कार्य यथाशीघ्र आरंभ का सुनिश्चित कर सकें. संस्था प्रशिक्षणार्थियों को ऋण पाने के लिए
प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों की सूची बैंक के शाखाओं को भेजकर सहायता करता हैं. शाखा प्रबन्धकों के
साथ चर्चा बैठक का भी आयोजन किया जाता हैं ताकि प्रशिक्षणार्थि वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकें.
संस्थागत संरचना
संस्था के निगरानी एक "प्रबन्ध निकाय" एवं "स्थानीय सालाह समिति" करता हैं. प्रबन्ध
निकाय में महाप्रबंन्धक, ऋण प्राथमिकता, प्रधान कार्यालय, विजया बैंक अध्यक्ष के रूप में रहेंगे,
उपमहाप्रबन्धक, ऋण प्राथमिकता, प्रधान कार्यालय, विजया बैंक, बेंगलूर, क्षेत्रीय प्रमुख, क्षेत्रीय
कार्यालय, विजया बैंक, मैंसूर, क्षेत्रीय प्रमुख, क्षेत्रीय कार्यालय, विजया बैंक, हुबळी, मुख्य
कार्यकारी अधिकारी, विजया ग्रामीण विकास प्रतिष्ठान एवं निदेशक वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई. सदस्य होंगे.
प्रबन्ध निकाय त्रैमासिक अंतराल में बैठक का आयोजन करते हुए संस्था के प्रगती का पुनरीक्षा करता हैं.
संस्था को मार्गदर्शन "स्थानीय सलाहाकार समिति" (एल्.ए.सी.) के जरिए दैनिक क्रियाकलापों के लिए
मिलता हैं. स्थानीय सलाहकार समिति के अध्यक्षता क्षेत्रीय प्रमुख, क्षेत्रीय कार्यालय, विजया बैंक,
मैसूर/हावेरी होंगे, वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई. के निदेशक/संयुक्त निदेशक के अलावा नाबाड के डी.एम्.एम्,
डी.आई.सी. के संयुक्त निदेशक, अग्रणी बैंक प्रबन्धक, अग्रणी बैंक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालक
अधिकारी उनके सदस्य होंगे. समिति ने नियमित अंतराल में बैठक का आयोजन करते हुए संस्था को उनके दैनिक
क्रियाकलापों के कार्यविधि के लिए मार्गदर्शन करेगा. वी.आईबी.एस्.ई.टी.आई. मण्ड्या के संबंध में
अध्यक्ष क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ने भी एक सदस्य होंगे.
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